इजराइल-अमेरिका के हमलों में ईरान के सैन्य और नागरिक क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित, ट्रंप ने कहा ‘पूरी तरह तबाह’

KNEWS DESK- इजराइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में ईरान पर लगातार बमबारी जारी है, जिसमें सिर्फ सैन्य ठिकानों पर ही नहीं बल्कि रेसिडेंशियल बिल्डिंग, स्कूल और ऑयल डिपो-रिफाइनरीज को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस तरह की हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है और कई विशेषज्ञ इसे ‘इकोसाइड’ (पर्यावरण विनाश) भी मान रहे हैं।

विशेषज्ञों और एक्टिविस्टों का कहना है कि इन हमलों से मिट्टी और भूजल दूषित हो सकते हैं, जिससे ईरान के लोगों के स्वास्थ्य और जीवन-स्तर पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा. विभिन्न शहरों से आई तस्वीरों में आग की ऊँची लपटें, धुआं और नुकसान का भयावह दृश्य साफ देखा जा सकता है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को कहा कि अमेरिकी हमलों से ईरान की सेना को इतना नुकसान हुआ है कि उसे पुनः खड़ा होने में एक दशक लग सकता है। उन्होंने एयर फ़ोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “मैं अभी इसे युद्ध समाप्त घोषित नहीं कर रहा हूं, लेकिन उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। अगर हम अभी वहां से हट जाएं, तो उन्हें फिर से खड़ा होने में 10 साल या उससे अधिक समय लगेगा।”

ट्रंप ने विशेष रूप से खर्ग द्वीप पर किए गए हमले का उल्लेख किया और कहा कि वहां अब केवल एक छोटा हिस्सा बचा है, जिसमें तेल पाइपें और महत्वपूर्ण संरचनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास इन्हें महज़ पांच मिनट के नोटिस पर नष्ट करने की क्षमता है, लेकिन फिलहाल ऐसा करने का निर्णय नहीं लिया गया।

एक्टिविस्टों ने इस हमले को गंभीर युद्ध अपराध करार दिया है और ट्रंप व इजराइल को इसके लिए दंडित करने की मांग की है। हमलों से न केवल मानव जीवन प्रभावित हो रहा है बल्कि पर्यावरण और भौगोलिक संसाधनों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

फिलहाल संघर्ष जारी है और दुनिया इस पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि अमेरिकी और इजराइली कार्रवाई का असर ईरान के सैन्य और नागरिक ढांचे दोनों पर गहरा पड़ रहा है।

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