बोर्ड एग्जाम में YouTube एंट्री! CBSE 12वीं के पेपर का QR कोड बना चर्चा का विषय

K News Desktop- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई के बोर्ड एग्जाम 2026 के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। दरअसल, 12वीं कक्षा के गणित के प्रश्नपत्र पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करने पर यूट्यूब का लिंक खुलने लगा। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर चर्चा तेज हो गई और कई छात्रों को यह डर सताने लगा कि कहीं उन्होंने नकली प्रश्नपत्र तो हल नहीं कर लिया।

सीबीएसई की 12वीं कक्षा का मैथमेटिक्स का पेपर 9 मार्च को देशभर में आयोजित किया गया था। परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई, लेकिन परीक्षा के बाद जब कुछ छात्रों ने घर जाकर प्रश्नपत्र पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन किया, तो उसमें से एक कोड स्कैन करने पर यूट्यूब वीडियो का लिंक खुलने लगा।

इस घटना के सामने आते ही छात्रों और अभिभावकों के बीच घबराहट का माहौल बन गया। कई छात्रों को यह चिंता सताने लगी कि अगर प्रश्नपत्र नकली हुआ तो उनकी परीक्षा पर असर पड़ सकता है और उन्हें फेल होने का खतरा भी हो सकता है।

मामले के तूल पकड़ने के बाद सीबीएसई ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। बोर्ड ने बताया कि प्रश्नपत्रों में कई तरह के सिक्योरिटी फीचर्स दिए जाते हैं, जिनमें क्यूआर कोड भी शामिल होता है। यह क्यूआर कोड किसी भी सिक्योरिटी ब्रीच की स्थिति में प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता जांचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

बोर्ड ने साफ किया कि मैथमेटिक्स का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली था और उसकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है।

सीबीएसई ने यह भी कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है कि भविष्य में क्यूआर कोड से जुड़ी इस तरह की तकनीकी समस्या दोबारा न हो।

इस बीच बोर्ड ने यह भी जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की स्थिति के कारण 6 देशों में सीबीएसई की परीक्षाएं फिलहाल टाल दी गई हैं।

हालांकि भारत में परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही हैं और अब बोर्ड एग्जाम 2026 अपने समापन की ओर बढ़ रहे हैं।

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