KNEWS DESK- भारत ने सुपर-8 चरण में अपनी उम्मीदों को ज़िंदा रखते हुए दमदार प्रदर्शन किया है। चेन्नई में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराकर टूर्नामेंट में दूसरी जीत दर्ज की। हालांकि इस बड़ी जीत के बावजूद पॉइंट्स टेबल में उसकी स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं आया। नेट रन रेट में हल्का सुधार जरूर हुआ, लेकिन वह अब भी माइनस में ही बना हुआ है।
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने आक्रामक शुरुआत दी, जबकि मध्यक्रम ने रफ्तार को बनाए रखा। बड़े शॉट्स और तेज़ रनिंग के दम पर भारत ने जिम्बाब्वे के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य रख दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं सकी। शुरुआती झटकों से उबरने की कोशिश जरूर हुई, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। ब्रायन बेनेट ने अकेले संघर्ष करते हुए कुछ आकर्षक शॉट लगाए, मगर उन्हें दूसरे छोर से कोई खास समर्थन नहीं मिला। नतीजतन पूरी टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन-लेंथ के साथ आक्रामक रुख अपनाया। तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से दबाव बनाया, तो स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन गति पर लगाम कस दी।
अब टीम इंडिया के सामने अगली और सबसे अहम चुनौती वेस्टइंडीज के खिलाफ है। कोलकाता में खेले जाने वाले सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में जीत दर्ज करना भारत के लिए बेहद जरूरी है। अगर भारतीय टीम यह मैच जीत लेती है, तो सेमीफाइनल का टिकट पक्का हो जाएगा।समीकरण साफ है — जीत मिली तो आगे का सफर जारी रहेगा, हार मिली तो टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा रहेगा। ऐसे में कोलकाता का मुकाबला भारत के लिए करो या मरो जैसा होने वाला है।
भारतीय टीम जिस आत्मविश्वास के साथ जिम्बाब्वे के खिलाफ उतरी थी, अगर वही लय बरकरार रही तो सेमीफाइनल की राह मुश्किल नहीं दिखती। अब सबकी नजरें कोलकाता के निर्णायक मुकाबले पर टिकी हैं।