KNEWS DESK – बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। संख्या बल के आधार पर एनडीए चार सीटों पर मजबूत स्थिति में दिख रहा है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला रोचक हो गया है। विपक्ष इस सीट पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
RJD की रणनीति और ‘मुस्लिम कार्ड’
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पांचवीं सीट के लिए हिना शहाब को उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रहा है। हिना शहाब पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हैं। माना जा रहा है कि इस कदम के जरिए RJD, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पांच विधायकों का समर्थन सुनिश्चित करना चाहती है।
विधानसभा में हर राज्यसभा सीट के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। विपक्ष के पास कुल 41 विधायक हैं, जिनमें AIMIM के पांच विधायक भी शामिल हैं। ऐसे में AIMIM का रुख निर्णायक माना जा रहा है।
AIMIM की चुप्पी
हालांकि AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमाम ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी की रणनीति को लेकर सस्पेंस बरकरार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिना शहाब को उम्मीदवार बनाए जाने से AIMIM के लिए समर्थन से पीछे हटना मुश्किल हो सकता है।
NDA की गणित
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सभी पांच सीटें जीतने की रणनीति पर काम कर रहा है। गठबंधन को पांचवीं सीट के लिए तीन अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। बताया जा रहा है कि बसपा और एक अन्य विधायक का समर्थन NDA को मिल सकता है।
हालांकि सहयोगी दलों HAM, RLM और लोजपा (रामविलास) के बीच संभावित खींचतान की भी चर्चा है, जिससे समीकरण जटिल बने हुए हैं।
इन सांसदों का कार्यकाल समाप्त
राज्यसभा के जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें शामिल हैं:
- रामनाथ ठाकुर (JDU)
- हरिवंश नारायण सिंह (JDU)
- प्रेमचंद गुप्ता (RJD)
- अमरेन्द्र धारी सिंह (RJD)
- उपेंद्र कुशवाहा (RLM)
16 मार्च को मतदान
राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को मतदान होगा और उसी दिन शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इस बार की लड़ाई में AIMIM एक ‘एक्स-फैक्टर’ के रूप में उभरी है। यदि RJD हिना शहाब को मैदान में उतारती है, तो यह चुनाव केवल संख्या बल का नहीं, बल्कि रणनीति और गठबंधन प्रबंधन की परीक्षा भी बन जाएगा।