KNEWS DESK- हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा और दुर्लभ शुभ संयोगों के साथ हुई है। 19 जनवरी से माघ मास की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो चुका है, लेकिन इस बार यह पर्व साधारण नहीं है। खास बात यह है कि इस गुप्त नवरात्रि के दौरान द्विपुष्कर योग का अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में की गई साधना, पूजा और जप का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है।
गुप्त नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व क्या है?
चैत्र और शारदीय नवरात्रि में माता के नौ रूपों की पूजा सार्वजनिक रूप से की जाती है, जबकि गुप्त नवरात्रि साधना, संयम और आत्मिक उत्थान का पर्व मानी जाती है। इस दौरान दस महाविद्याओं की आराधना की जाती है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि वह समय होता है, जब साधक अपनी इच्छाओं को संकल्प में बदलकर कठिन सिद्धियों की ओर अग्रसर होता है। चूंकि यह साधना गुप्त रूप से की जाती है, इसलिए इसका प्रभाव अत्यंत गहरा और व्यक्तिगत होता है।
क्या है द्विपुष्कर योग? क्यों माना जाता है इतना शुभ?
ज्योतिष शास्त्र में द्विपुष्कर योग को अत्यंत फलदायी माना गया है। ‘द्वि’ यानी दो और ‘पुष्कर’ यानी पोषण करने वाला।
मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्यों का फल दोगुना होकर प्राप्त होता है।
दान करने से पुण्य दो गुना बढ़ता है। मंत्र जाप से साधना की शक्ति कई गुना हो जाती है। पूजा और व्रत का प्रभाव शीघ्र फलदायी होता है। इसी कारण द्विपुष्कर योग में गुप्त नवरात्रि की साधना को विशेष वरदान के रूप में देखा जा रहा है।
इस बार क्यों मिल रहा है कई गुना अधिक फल?
इस वर्ष गुप्त नवरात्रि और द्विपुष्कर योग का मिलन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इसके पीछे कुछ अहम कारण हैं।
संकल्प की सिद्धि:
द्विपुष्कर योग में लिया गया आध्यात्मिक संकल्प अडिग और प्रभावशाली होता है। साधक की एकाग्रता और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के मेल से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
ग्रहों की अनुकूल स्थिति:
पंचांग के अनुसार, विशेष तिथि, वार और नक्षत्र के संयोग से ही द्विपुष्कर योग बनता है। यह समय नकारात्मक शक्तियों के नाश और सकारात्मक ऊर्जा के संचय के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
दसों दिशाओं से आशीर्वाद:
गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं का पूजन होता है। जब यह साधना द्विपुष्कर योग में की जाती है, तो भक्त को भौतिक सुख और आध्यात्मिक शांति दोनों की प्राप्ति एक साथ होती है।