Knews Desk– पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि एक प्रदर्शनकारी की शोकसभा के दौरान की गई कार्रवाई में 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। संगठन का यह भी आरोप है कि 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है और कई लोग अब भी लापता हैं।
JAAC के मुताबिक, यह शोकसभा शाहज़ैब हबीब नामक प्रदर्शनकारी के अंतिम संस्कार के लिए आयोजित की गई थी। संगठन का दावा है कि शाहज़ैब की मौत पहले हुई एक झड़प के दौरान पाकिस्तान रेंजर्स की गोली लगने से हुई थी। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे।
संगठन का आरोप है कि शोकसभा के दौरान सुरक्षा बलों ने अचानक कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे भगदड़ और हिंसा फैल गई। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया तथा कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। 9 जून को घोषित बंद के दौरान भी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की खबरें सामने आईं।
JAAC के वरिष्ठ नेता शौकत नवाज मीर ने दावा किया कि सुरक्षा एजेंसियों को संगठन के सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवामी एक्शन कमेटी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
हालांकि पाकिस्तान सरकार और सेना की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इसलिए मृतकों और घायलों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा ने पाकिस्तान सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थानीय संगठनों का आरोप है कि जनता की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।