NCERT की नई टीम में RSS कनेक्शन! 11वीं-12वीं की Political Science किताबों में होंगे बड़े बदलाव

Knews Desk– राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की राजनीतिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार करने के लिए एक नई टीम का गठन किया है. नई टीम का उद्देश्य पाठ्यक्रम में भारतीय सांस्कृतिक जुड़ाव, भारतीय ज्ञान परंपरा और समावेशिता जैसे पहलुओं को शामिल करना है. इस टीम में शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के साथ ऐसे सदस्य भी शामिल हैं, जिनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) या उससे जुड़े संगठनों से संबंध बताया गया है.

नई टीम का नेतृत्व शिक्षाविद और राजनीतिक विश्लेषक संदीप शास्त्री करेंगे. वह कर्नाटक स्थित डीम्ड यूनिवर्सिटी निट्टे के उपाध्यक्ष हैं. NCERT की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, टीम को कक्षा 11वीं की राजनीतिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक तैयार करने का काम नवंबर 2026 तक पूरा करना है, जबकि 12वीं कक्षा की किताब जुलाई 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

नई टीम में कम से कम चार ऐसे शिक्षाविद और विद्वान शामिल हैं, जिनका RSS से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़ाव बताया गया है. इनमें यदुनाथ देशपांडे, प्रशांत दिवेकर, वंदना मिश्रा और रवि रमेशचंद्र शुक्ला के नाम शामिल हैं. इन सदस्यों की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है. वहीं NCERT की ओर से पाठ्यपुस्तकों में भारतीय ज्ञान प्रणालियों और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत तरीके से शामिल करने पर जोर दिया गया है.यदुनाथ देशपांडे शिक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार हैं और उनका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से लंबे समय तक जुड़ाव रहा है. संगठन के रिकॉर्ड के अनुसार, वह महाराष्ट्र में ABVP के संयुक्त राज्य संगठन सचिव और मुंबई-कोंकण इकाई में संगठन सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. उनकी LinkedIn प्रोफाइल में उन्हें बीजेपी का राजनीतिक सलाहकार भी बताया गया है.

प्रशांत दिवेकर पुणे की ज्ञान प्रबोधिनी से जुड़े रहे हैं. यह संस्था RSS से संबद्ध बताई जाती है. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के राष्ट्रीय मार्गदर्शन मिशन पोर्टल पर उपलब्ध उनकी प्रोफाइल में भारतीय शिक्षा दर्शन पर आधारित दृष्टिकोण का उल्लेख किया गया है. वह राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा से जुड़े काम में भी योगदान दे चुके हैं.वंदना मिश्रा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज में प्रोफेसर हैं. वह ABVP की राष्ट्रीय सचिव रह चुकी हैं. वहीं रवि रमेशचंद्र शुक्ला JNU के सेंटर फॉर कंपेरेटिव पॉलिटिक्स एंड पॉलिटिकल थ्योरी में एसोसिएट प्रोफेसर हैं. वह इंडियन जर्नल ऑफ डेमोक्रेटिक गवर्नेंस के संपादकीय बोर्ड से भी जुड़े रहे हैं. इस पत्रिका का प्रकाशन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेटिक लीडरशिप-रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी करता है, जिसे RSS से जुड़ा शिक्षण संस्थान बताया जाता है.

इस टीम में JNU, दिल्ली विश्वविद्यालय, IGNOU, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों से जुड़े कई विशेषज्ञ भी शामिल किए गए हैं. प्रकाश कंडपाल, नीधि गुप्ता, चेतन सिंघई, सुकांशिका वत्स, सतीश कुमार, दिवांशु श्रीवास्तव, प्रणव गुप्ता, नंद किशोर और स्वप्ना प्रभु जैसे नाम टीम का हिस्सा हैं. NCERT से जुड़े अधिकारी भी इसमें शामिल किए गए हैं.NCERT निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नई टीम सामाजिक विज्ञान, भाषाओं, भारतीय ज्ञान प्रणालियों, पर्यावरण शिक्षा, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति और शिक्षण-अधिगम सामग्री से जुड़े पाठ्यचर्या समूहों से मार्गदर्शन लेगी. ऐसे में नई किताबों में भारतीय संदर्भ और ज्ञान परंपरा को कितना स्थान मिलता है और राजनीतिक विज्ञान के मौजूदा पाठ्यक्रम में क्या बदलाव किए जाते हैं, इस पर अब सभी की नजर रहेगी.

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