Knews Desk- कोलकाता में मिट्टी के शिल्पकारों और कुम्हारों ने मिट्टी की भारी कमी को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अपनी पारंपरिक कला और आजीविका पर मंडरा रहे संकट के खिलाफ बड़ी संख्या में शिल्पकार सड़कों पर उतरे और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने रामलीला मैदान से रानी रश्मोनी एवेन्यू तक एक लंबी तिरंगा रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और विभिन्न मांगों से जुड़े बैनर लेकर अपनी समस्याओं को सामने रखा। रैली के बाद शिल्पकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा और मिट्टी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।

शिल्पकारों का कहना है कि मूर्तियां, मिट्टी के बर्तन और अन्य पारंपरिक कलाकृतियां बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में मिट्टी नहीं मिल पा रही है। उनका आरोप है कि पिछले कई वर्षों से मिट्टी की आपूर्ति प्रभावित रही है, लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कथित “मिट्टी माफिया” पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अवैध गतिविधियों के कारण आम कुम्हारों तक मिट्टी पहुंच ही नहीं पा रही है।

कुम्हारों का कहना है कि मिट्टी की कमी का सीधा असर उनके रोजगार और आय पर पड़ रहा है। कई परिवारों की आजीविका पूरी तरह इस पारंपरिक कला पर निर्भर है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो हजारों शिल्पकारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि मिट्टी की आपूर्ति को नियमित किया जाए, अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई हो और कुम्हार समुदाय को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उनका कहना है कि यह केवल रोजगार का नहीं, बल्कि बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को बचाने का भी सवाल है।