Knews Desk- कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘Belonging: A Journey of Love’ को लेकर प्रकाशन से जुड़ा विवाद सामने आया है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि वह भारत में इस किताब का प्रकाशक नहीं है। कंपनी ने उन खबरों पर भी सफाई दी है, जिनमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी द्वारा प्रस्तावित संपादकीय बदलावों को स्वीकार नहीं करने के बाद पेंगुइन इंडिया ने किताब प्रकाशित करने से इनकार कर दिया।
पेंगुइन इंडिया की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह कहना सही नहीं है कि लेखिका द्वारा संपादकीय बदलावों से इनकार करने के कारण प्रकाशक ने किताब को प्रकाशित नहीं करने का फैसला लिया। कंपनी ने कहा कि एक प्रकाशक के तौर पर किताब की तथ्य-जांच करना और लेखकों को उनकी किताब के हित में सुझाव देना उसकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। प्रकाशक के मुताबिक, संबंधित चर्चाओं के दौरान उसका रुख यही था कि वह इस किताब को प्रकाशित करने के लिए तैयार और उत्सुक था।कंपनी ने यह भी कहा कि सोनिया गांधी और प्रकाशक के बीच हुई बातचीत गोपनीय थी, इसलिए वह इस संबंध में आगे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। इससे पहले सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पांडुलिपि के कुछ हिस्सों में संपादकीय बदलाव और कुछ अंश हटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी थी। हालांकि, पेंगुइन के ताजा बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तस्वीर कुछ अलग कर दी है।
‘Belonging: A Journey of Love’ सोनिया गांधी की आत्मकथा है, जिसमें उनके निजी जीवन, राजीव गांधी से विवाह, भारत आने के अनुभव और नेहरू-गांधी परिवार से जुड़ने के साथ-साथ भारतीय राजनीति में उनके लंबे सफर को शामिल किया गया है। किताब में उनके जीवन की कई महत्वपूर्ण घटनाओं और उन परिस्थितियों का भी जिक्र है, जिन्होंने उन्हें सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रभावित किया।किताब की वैश्विक रिलीज 10 नवंबर 2026 को निर्धारित है। अमेरिका में इसे पेंगुइन रैंडम हाउस के प्रकाशन Alfred A. Knopf द्वारा प्रकाशित किया जाएगा। यानी भारत में पेंगुइन इंडिया के प्रकाशन से जुड़े विवाद का किताब की अंतरराष्ट्रीय रिलीज पर फिलहाल कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
भारत में किताब के प्रकाशन को लेकर अब आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दूसरे प्रकाशक भारतीय बाजार में इसके प्रकाशन और वितरण को लेकर बातचीत कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि भारत में सोनिया गांधी की इस आत्मकथा को कौन प्रकाशित करेगा।कुल मिलाकर, ‘Belonging’ की रिलीज से पहले ही इसके प्रकाशन को लेकर विवाद ने किताब को सुर्खियों में ला दिया है। पेंगुइन इंडिया की सफाई के बाद अब नजर इस बात पर है कि भारत में किताब किस प्रकाशक के जरिए पाठकों तक पहुंचती है और क्या इसके संपादकीय विवाद को लेकर आगे कोई और आधिकारिक जानकारी सामने आती है।