Knews Desk- राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। चंदवाजी थाना क्षेत्र के आमेर इलाके के ताला मोड़ स्थित निर्माणाधीन अरावली रिसॉर्ट में बेसमेंट की दीवार अचानक गिर गई, जिसमें तीन मजदूरों की मौत हो गई जबकि 12 से अधिक मजदूर घायल हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, रिसॉर्ट में बेसमेंट का निर्माण कार्य चल रहा था और उसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना के समय मौके पर करीब 21 मजदूर मौजूद थे। अचानक दीवार ढहने से वहां अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ मजदूर हादसे के समय खाना खाने के लिए साइट से बाहर गए हुए थे, जिसके चलते उनकी जान बच गई। लेकिन जो मजदूर मौके पर मौजूद थे, वे मलबे की चपेट में आ गए। हादसा इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) और सिविल डिफेंस की टीमें तुरंत बचाव कार्य में जुट गईं। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए इंफ्रारेड कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसी जीवित व्यक्ति की स्थिति का पता लगाया जा सके। घायलों को तुरंत नजदीकी निम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला कलेक्टर संदेश नायक, एसडीएम राजेंद्र सिंह और तहसीलदार सौरभ गुर्जर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रशासन ने बचाव कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। बेसमेंट की खुदाई और निर्माण में आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गईं। इसके अलावा मजदूरों के पास सुरक्षा उपकरण भी नहीं थे, जिससे हादसे का प्रभाव और गंभीर हो गया।
यदि सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता और मजदूरों को उचित उपकरण उपलब्ध कराए जाते, तो जानमाल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। फिलहाल राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। वहीं, निर्माण एजेंसी और रिसॉर्ट प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।