WhatsApp का नया Meta AI फीचर: अब प्राइवेट चैट होगी पूरी तरह सीक्रेट, खत्म होते ही डिलीट होंगे मैसेज

KNEWS DESK- व्हाट्सएप यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत बनाने के लिए नया “इन्कॉग्निटो चैट विथ Meta AI” फीचर पेश किया है। इस फीचर के जरिए यूजर्स अब एआई के साथ ऐसी बातचीत कर सकेंगे, जो पूरी तरह प्राइवेट और अस्थायी होगी। खास बात यह है कि चैट खत्म होते ही मैसेज अपने आप डिलीट हो जाएंगे और उनका कोई रिकॉर्ड सेव नहीं रहेगा।

कंपनी का कहना है कि यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो हेल्थ, नौकरी, पैसे या निजी मामलों से जुड़े सवाल एआई से सुरक्षित तरीके से पूछना चाहते हैं।व्हात्सप्प

कैसे काम करेगा नया इन्कॉग्निटो चैट फीचर?

Meta AI के साथ इन्कॉग्निटो चैट शुरू करते ही एक अलग प्राइवेट सेशन खुल जाएगा, जिसे सिर्फ यूजर ही देख सकेगा। सामान्य एआई चैट की तरह इसमें बातचीत का इतिहास सेव नहीं होगा।

कंपनी के अनुसार चैट खत्म होते ही मैसेज ऑटोमैटिक डिलीट हो जाएंगे। बातचीत का कोई रिकॉर्ड सेव नहीं रहेगा। न तो Meta और न ही Whatsapp चैट कंटेंट देख पाएंगे। यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा। कंपनी का दावा है कि इसका उद्देश्य यूजर्स को एआई के साथ ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद अनुभव देना है।

क्या है “प्राइवेट प्रोसेसिंग” तकनीक?

Meta के मुताबिक यह फीचर “प्राइवेट प्रोसेसिंग” तकनीक पर आधारित है। आसान शब्दों में कहें तो यूजर के मैसेज एक ऐसे सुरक्षित सिस्टम में प्रोसेस होंगे जो कंपनी के मुख्य सर्वर से अलग रहेगा।

इस तकनीक की खास बातें:

  • यूजर की पहचान से जुड़ी जानकारी छिपी रहेगी
  • आईपी एड्रेस जैसी जानकारी सुरक्षित रहेगी
  • चैट प्रोसेसिंग के दौरान मैसेज एन्क्रिप्टेड रहेंगे
  • सेशन खत्म होने पर डेटा अपने आप डिलीट हो जाएगा
  • कंपनी का कहना है कि यह फीचर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सोच को एआई चैट तक ले जाने की दिशा में बड़ा कदम है।

जल्द मिलेगा “साइड चैट विथ Meta AI” फीचर

Meta ने यह भी बताया कि वह “साइड चैट विथ Meta AI” नाम के नए फीचर पर काम कर रही है। इसकी मदद से यूजर्स किसी मौजूदा चैट के भीतर ही निजी एआई सहायता ले सकेंगे, बिना पूरी बातचीत उजागर किए।

क्यों खास माना जा रहा है यह फीचर?

मौजूदा एआई चैट में बातचीत का इतिहास भविष्य के जवाबों को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इन्कॉग्निटो चैट हर बार नए सेशन की तरह शुरू होगी और पुरानी जानकारी याद नहीं रखेगी।

माना जा रहा है कि यह फीचर उन यूजर्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है जो एआई से निजी सलाह लेना चाहते हैं, लेकिन अपनी जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहते हैं।