Knews Desk आपके नाम पर जारी SIM कार्ड का इस्तेमाल अगर किसी दूसरे व्यक्ति की ओर से गैरकानूनी गतिविधि के लिए किया जाता है, तो यह आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। दूरसंचार विभाग यानी DoT ने सोमवार को मोबाइल यूजर्स को इस संबंध में सावधान किया है। विभाग ने लोगों से कहा है कि वे अपने नाम पर जारी SIM कार्ड को किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें और समय-समय पर यह जांच करते रहें कि उनके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं।
DoT के मुताबिक, फर्जी तरीके से SIM जारी करवाना, टेलीकॉम आइडेंटिफायर का गलत इस्तेमाल करना और IMEI नंबर से छेड़छाड़ करना कानून के तहत गंभीर मामला हो सकता है। टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट, 2023 के तहत ऐसे मामलों में 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।विभाग की यह चेतावनी उन लोगों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जिनके दस्तावेजों का इस्तेमाल उनकी जानकारी या सहमति के बिना किसी अन्य SIM कनेक्शन को एक्टिवेट करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा जिन लोगों ने अपना SIM कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दिया हुआ है, उन्हें भी सावधान रहने की जरूरत है।
DoT ने लोगों को सलाह दी है कि वे Sanchar Saathi पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की नियमित जांच करें। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि कहीं आपके नाम पर ऐसा कोई SIM तो सक्रिय नहीं है, जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं है। अगर कोई अनजान कनेक्शन दिखाई देता है, तो उसे रिपोर्ट कर उचित कार्रवाई की जा सकती है।DoT की यह एडवाइजरी साइबर क्राइम की जांच के दौरान सामने आए एक मामले के बाद जारी की गई है। छत्तीसगढ़ में एक पॉइंट ऑफ सेल यानी PoS एजेंट ने कथित तौर पर लोगों की जानकारी या सहमति के बिना उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल करके 25 मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट किए थे। वेरिफिकेशन के दौरान इनमें से कई नंबर गैरकानूनी पाए गए, जिसके बाद उन्हें बंद कर दिया गया।
यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि अगर किसी व्यक्ति के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके उसके नाम पर SIM जारी करा दिया जाए, तो उस नंबर का इस्तेमाल साइबर क्राइम या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा सकता है। ऐसे में मोबाइल यूजर्स के लिए अपने नाम पर सक्रिय कनेक्शनों की जानकारी रखना जरूरी हो जाता है।विभाग ने IMEI नंबर से छेड़छाड़ को लेकर भी चेतावनी दी है। IMEI मोबाइल डिवाइस की पहचान से जुड़ा एक यूनिक नंबर होता है। DoT ने ऐसे मॉडेम, SIM बॉक्स और अन्य डिवाइस से सावधान रहने को कहा है, जिनमें IMEI नंबर को बदला या उसके साथ छेड़छाड़ की गई हो।इसके साथ ही लोगों को Calling Line Identity यानी CLI और अन्य टेलीकॉम पहचान से जुड़ी जानकारी बदलने वाले ऐप, वेबसाइट या टूल का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है। विभाग के मुताबिक, टेलीकॉम पहचान में इस तरह के बदलाव नेटवर्क की सुरक्षा और विश्वसनीयता के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।