तमिलनाडु में सियासी सस्पेंस बरकरार, विजय का शपथ ग्रहण फिर टला

KNEWS DESK- तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता गठन को लेकर जारी उठापटक ने शुक्रवार देर रात नया मोड़ ले लिया। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के सरकार बनाने के दावे के बीच अब बहुमत का गणित उलझता नजर आ रहा है। जिस शपथ ग्रहण समारोह को लेकर दिनभर तैयारियां और जश्न का माहौल था, वह देर शाम तक राजनीतिक सस्पेंस में बदल गया।

सुबह से TVK समर्थकों में भारी उत्साह था। पार्टी को भरोसा था कि कांग्रेस, CPI, CPI(M) और कुछ अन्य दलों के समर्थन के बाद बहुमत का आंकड़ा हासिल हो जाएगा। विजय के पनायुर स्थित आवास के बाहर कार्यकर्ता जश्न मना रहे थे और शनिवार को शपथ ग्रहण की चर्चाएं तेज थीं। लेकिन शाम होते-होते हालात बदल गए।

सियासी पेच VCK प्रमुख थोल. थिरुमावलवन के रुख को लेकर फंस गया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी पार्टी वाम दलों के फैसले के साथ खड़ी रहेगी, लेकिन देर रात तक राज्यपाल को समर्थन पत्र नहीं सौंपा गया। सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल के सामने विजय के समर्थन में केवल 116 विधायकों का आंकड़ा मौजूद था, जबकि बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है।

इसके बाद तमिलनाडु की राजनीति में अटकलों का दौर शुरू हो गया। खबरें सामने आने लगीं कि थिरुमावलवन अलग-अलग दौर में TVK, AIADMK और DMK नेताओं से लगातार बातचीत कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई जब वह देर रात कार्यवाहक मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के आवास पहुंचे और वहां लंबी बैठक चली।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई कि कुछ दल ऐसा फॉर्मूला तलाश रहे हैं, जिसमें थिरुमावलवन को सर्वमान्य मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में आगे किया जा सके। इसी बीच एक और घटनाक्रम ने पूरे मामले को और उलझा दिया।

NDA सहयोगी और AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरन देर रात राज्यपाल से मिलने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि TVK उनकी पार्टी के विधायक को तोड़ने की कोशिश कर रही है। दिनाकरन ने दावा किया कि उनकी पार्टी के विधायक कमराज एस. “लापता” हैं और उनका फोन भी बंद है। उन्होंने मामले की तत्काल जांच की मांग की।

विवाद तब और बढ़ गया जब एक कथित समर्थन पत्र सामने आया, जिसमें AMMK विधायक कमराज द्वारा TVK को समर्थन देने की बात कही गई थी। दिनाकरन ने इस पत्र को फर्जी बताया और साफ कहा कि उनकी पार्टी अब भी NDA और AIADMK गठबंधन के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए उनका समर्थन एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को है।

दूसरी तरफ TVK ने दिनाकरन के आरोपों को खारिज कर दिया। पार्टी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि विधायक कमराज ने स्वेच्छा से समर्थन पत्र दिया था। TVK का कहना है कि सरकार गठन के लिए समर्थन जुटाने की प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक है और पार्टी को किसी तरह की खरीद-फरोख्त की जरूरत नहीं है।

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीतकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया है। हालांकि बहुमत के आंकड़े से अभी भी दूरी बनी हुई है। कांग्रेस, CPI और CPI(M) के समर्थन संकेतों के बावजूद सत्ता का समीकरण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। ऐसे में तमिलनाडु की राजनीति फिलहाल रोमांच और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *