KNEWS DESK- सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. खासतौर पर सावन सोमवार का शिव भक्तों के बीच विशेष महत्व है. इस दिन भक्त शिवलिंग का जलाभिषेक करने के साथ बेलपत्र, दूध, दही, चंदन, भांग और धतूरा अर्पित करते हैं. धार्मिक मान्यताओं में कुछ फूल भी भगवान शिव को विशेष रूप से प्रिय बताए गए हैं. मान्यता है कि श्रद्धा से इन फूलों को अर्पित करने से महादेव की कृपा प्राप्त होती है और अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है.
सावन का पहला सोमवार इस बार 3 अगस्त 2026 को है. सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है. श्रद्धालु भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं. शिव पूजा में फूल अर्पित करने का भी विशेष महत्व बताया गया है. आइए जानते हैं कि सावन सोमवार पर भोलेनाथ को कौन-कौन से फूल चढ़ाए जाते हैं और उनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं क्या हैं.
सफेद फूल अर्पित करने की मान्यता
भगवान शिव की पूजा में सफेद रंग के फूलों का विशेष महत्व माना जाता है. सफेद रंग शांति, पवित्रता और सकारात्मकता का प्रतीक है. धार्मिक मान्यता है कि सावन सोमवार पर महादेव को सफेद फूल अर्पित करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति पाने में मदद मिलती है.
कनेर के फूल से सुख-समृद्धि की कामना
शिव पूजा में कनेर का फूल भी शुभ माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार पर शिवलिंग पर कनेर के फूल अर्पित कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्रार्थना की जाती है. फूल चढ़ाते समय भक्त अपनी मनोकामना महादेव के सामने रख सकते हैं.
धतूरे का फूल महादेव को माना जाता है प्रिय
भगवान शिव की पूजा में धतूरे का विशेष स्थान है. सावन में शिवलिंग पर धतूरा और उसका फूल अर्पित करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. पौराणिक मान्यताओं में धतूरे को भगवान शिव और समुद्र मंथन की कथा से जोड़कर देखा जाता है. माना जाता है कि सावन सोमवार पर धतूरे का फूल अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं.
आक के फूल से करें शिव आराधना
आक यानी मदार का फूल भी भगवान शिव को अर्पित किया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन सोमवार पर शिवलिंग पर आक के फूल चढ़ाकर जीवन की बाधाओं और परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना की जाती है. श्रद्धालु इसे महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने का शुभ माध्यम मानते हैं.
बेला के फूल से करें अच्छे जीवनसाथी की कामना
भगवान शिव और माता पार्वती को आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है. इसी कारण सावन सोमवार पर बड़ी संख्या में अविवाहित महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा कर अच्छे जीवनसाथी की कामना करती हैं. धार्मिक मान्यता है कि विवाह में बाधा या देरी होने पर भगवान शिव और माता पार्वती को बेला के फूल अर्पित करना शुभ होता है.
चमेली के फूल से सुख-शांति की प्रार्थना
चमेली का फूल भी शिव पूजा में अर्पित किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं में इसे शुभता और सकारात्मकता से जोड़ा गया है. सावन सोमवार पर भोलेनाथ को चमेली के फूल चढ़ाकर घर-परिवार में सुख-शांति और जीवन में सकारात्मकता की कामना की जाती है.
श्रद्धा को माना जाता है सबसे महत्वपूर्ण
सावन सोमवार की पूजा में फूल, बेलपत्र और अन्य सामग्री का धार्मिक महत्व जरूर है, लेकिन पूजा में भक्त की श्रद्धा और भाव को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसे में अपनी सामर्थ्य और उपलब्धता के अनुसार भगवान शिव को फूल अर्पित कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप किया जा सकता है.