KNEWS DESK- सनातन धर्म में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। यह दिन दो प्रमुख कारणों से अत्यंत शुभ माना जाता है। एक ओर चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है, वहीं दूसरी ओर इस दिन लक्ष्मी पंचमी का पर्व मनाया जाता है, जो धन और वैभव की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित है।
लक्ष्मी पंचमी 2026 की तिथि और शुभ समय
पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ 22 मार्च की रात 09:16 बजे हुआ था और इसका समापन 23 मार्च को शाम 06:38 बजे होगा। उदयातिथि के आधार पर आज ही लक्ष्मी पंचमी का व्रत और पूजन किया जा रहा है।
लक्ष्मी पंचमी का धार्मिक महत्व
लक्ष्मी पंचमी को श्री पंचमी और श्री व्रत के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
इस दिन किए गए पूजन से:
- आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
- जीवन में समृद्धि आती है।
- कुंडली के धन संबंधी दोष दूर होते हैं।
- आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है।
लक्ष्मी पंचमी पूजा विधि
लक्ष्मी पंचमी के दिन पूजा करते समय निम्न विधि का पालन करना शुभ माना जाता है:
1. प्रातःकालीन तैयारी
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थल की सफाई
घर के मंदिर या पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें और पवित्र बनाएं।
3. मां लक्ष्मी की स्थापना
एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
4. अभिषेक और श्रृंगार
प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और लाल वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद आभूषण पहनाएं और कुमकुम का तिलक लगाएं।
5. भोग अर्पण
माता को फल, मिठाई, खीर आदि का भोग लगाएं।
6. दीप-धूप और मंत्र जाप
धूप और दीप जलाकर माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें।
7. आरती और प्रसाद
अंत में माता लक्ष्मी की आरती करें और भोग को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
लक्ष्मी पंचमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने से जीवन में सुख, समृद्धि और आर्थिक स्थिरता आती है। यह दिन मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर माना जाता है। यदि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत किया जाए, तो जीवन की कई समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है। यदि आप चाहें तो मैं लक्ष्मी पंचमी के लिए विशेष मंत्र, आरती या व्रत कथा भी लिख सकता हूँ।