उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड राज्य अपने शांत वातावरण और आध्यात्म के लिए प्रसिद्ध है,वही राज्य में लगातार बढ़ते अपराध, गैंग गतिविधियां और फरार अपराधियों की चुनौती ने सरकार व पुलिस प्रशासन के सामने सवाल खड़े करने का काम भी किया है.यही कारण है कि इन्हीं आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने अप्रैल माह से राज्यव्यापी अपराध नियंत्रण अभियान ऑपरेशन प्रहार शुरू किया. यह वही ऑपरेशन प्रहार है जिसने समाज में सुरक्षा का नया भरोसा पैदा किया है.और जिसके तहत कई फरार व इनामी अपराधी पकड़े गए और साथ ही गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, अवैध हथियार, संगठित अपराध और यातायात उल्लंघन के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई.ऑपरेशन प्रहार ने अपराधियों को जेल पहुंचाने के साथ-साथ अपराध की सोच रखने वालों के मन में भी भय पैदा करने का काम किया है.दावा है कि अभियान के बाद राज्य में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है. और अपराधियों की सक्रियता पर अंकुश लगा है. लगातार अपराध के खिलाफ चलाई जा रही इस मुहीम को सत्ता पक्ष भाजपा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन का मॉडल और सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण बता रही है, लेकिन इस बीच शनिवार रात हुई देहरादून के सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेत में पानी सम्बन्धित विषय को लेकर दो पक्षों में विवाद के खूनी संघर्ष में बदल जाने पर कुछ युवकों के द्वारा लाठी-डंडों हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद एक बार फिर कई सवाल कानून व्यवस्था पर खड़े किये है.साथ ही विपक्ष कई सवाल खड़े करता दिखाई दे रहा है, विपक्ष का आरोप है कि यह ऑपरेशन प्रहार निर्दोषों पर चलाया जा रहा है. और आपराधिक घटनाएं कम होने के बजाय बढ़ी हैं. विपक्ष का मानना है कि रसूखदार अपराधियों में आज भी कोई भय नहीं दिख रहा जिसके चलते यह अभियान पूरी तरह नाकाम प्रतीत हो रहा है. विपक्ष के आरोपों के बाद इस विषय ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है जिसके चलते इस मुद्दे पर नई बहस छिड़ती दिखाई दे रही है.
बढ़ते दबाव और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए देहरादून पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार की शुरुआत की. इसका उद्देश्य अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था. इस विशेष अभियान के तहत 03 अप्रैल 2026 से अब तक पुलिस ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की. एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने वांछित फरार और घोषित अपराधियों के खिलाफ लगातार दबिश दी. नतीजा ये रहा कि एक महीने के भीतर प्रदेश भर में 1400 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें कई ऐसे अपराधी शामिल हैं, जो लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे.अब ये अभियान तेजी से प्रदेश भर में चल रहा है धामी सरकार ऑपरेशन प्रहार से खुश है तो वही विपक्षी दल इस ऑपरेशन प्रहार को जनता को परेशान करने वाला बता रहे है.
राजधानी देहरादून में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन प्रहार को दो महीना पूरा हो गया है. पिछले एक महीने में पुलिस ने अनेक अपराधियों को पकड़ा, लेकिन इसके बावजूद आपराधिक घटनाएं होती रहीं. खास बात ये रही कि पुलिस ने व्यापक स्तर पर सत्यापन और चेकिंग अभियान चलाकर कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश भी की. पुलिस के इस अभियान को राज्य सरकार का भी पूरा समर्थन मिल रहा है, जिससे आने वाले समय में इसे और तेज किए जाने के संकेत हैं.अब तक ऑपरेशन प्रहार के चलते 1500 से अधिक अपराधियों को पुलिस ने पकड़ कड़ी कारवाही की है. ऐसे में आने वाला समय क्या प्रदेश को अपराध मुक्त करने में ये ऑपरेशन प्रहार कामयाब हो पायेगा ये भी आने वाला समय ही तय कर पायेगा।