उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हालिया हल्द्वानी दौरे के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी और खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खेमे की कथित नाराजगी, वरिष्ठ नेताओं की जनसभा से गैरमौजूदगी और दिग्गज कांग्रेस नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे दिनेश कुंजवाल के यूकेडी (UKD) में शामिल होने जैसे घटनाक्रमों ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संगठन में अपेक्षित तवज्जो न मिलने से एक धड़ा नाराज है, जिससे चुनाव पूर्व कांग्रेस को झटके लग सकते हैं।वही खड़गे के जाने के बाद भी एक और नया विवाद खड़ा हो गया है.आपको बता दे,हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की शंखनाद सभा के बाद अब इस जगह की शुद्धि को लेकर धार्मिक आयोजन किया गया। श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के तत्वावधान में न्यास के सचिव राम जी अवस्थी के नेतृत्व में रामलीला मैदान में शुद्धि हवन का आयोजन किया गया आयोजकों का कहना है कि रामलीला मैदान हिंदू धार्मिक आयोजनों और रामलीला मंचन का प्रमुख स्थल है. उनका आरोप है कि कांग्रेस की शंखनाद सभा के दौरान मंच से इस्लामी नारे लगाए गए और ऐसे व्यक्ति को मंच दिया गया, जिसने हिंदू संगठनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की आयोजकों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से रामलीला मैदान की धार्मिक पवित्रता प्रभावित हुई है। इसी को लेकर हवन-यज्ञ के माध्यम से स्थल की शुद्धि और पुनर्स्थापना का प्रयास किया गया इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन किया गया जिस पर एक बार राजनीति और धर्म को लेकर सियासत आपने सामने आ गई है.
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की सभा के बाद कराए गए शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए शुद्धिकरण को कांग्रेस ने राजनीतिक और अपमानजनक कृत्य बताते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया।कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला कांग्रेस नेताओं का आरोप है, कि राजनीतिक कार्यक्रम के बाद धार्मिक भावनाओं को आधार बनाकर इस तरह का शुद्धिकरण कराया जाना लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है. पुतला दहन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर माहौल खराब करने और राजनीतिक दुर्भावना से काम करने का आरोप लगाया।हलाकि भाजपा अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बता रही है.शुद्धिकरण व हवन कार्यक्रम को धार्मिक संगठन का आयोजन बताया जा रहा है.
एक तरफ 2027 के चुनाव को लेकर सभी संगठनो ने तैयारियों पर जोर बना रखा है.यही वजह है की शीर्ष नेताओ का आने का सिलसला भी तेजी से जारी है.खड़गे के कार्यक्रम में प्रदेश के बड़े नेताओ की मौजूदगी न होना भी बड़ा सवाल आपसी गुटबाजी का प्रमाण बया कर रहा है.खैर ये मामला अभी शांत भी नहीं हुआ और कांग्रेस के लिए नया बखेड़ा खड़ा हो गया,खड़गे की जनसभा के समय पर भी बड़ा बवाल एस एस पी कार्यालय के बाहर कोंग्रेसियो का नजर आया वही अब विपक्षी दल भाजपा के ऊपर नारजगी दिखता दिखाई दे रहा है.रामलीला मैदान में कांग्रेस की सभा के बाद कराए गए शुद्धिकरण को लेकर राजनीति ने भी अपना जोर पकड़ लिया है. ऐसे में ये आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला आखिर कब तक थम पायेगा ये बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है.