knews Desk- लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अपुल गोयल को उनके पद से हटा दिया है। इस फैसले के बाद चिकित्सा और शैक्षणिक जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, प्रो. अपुल गोयल लंबे समय से यूरोलॉजी विभाग का नेतृत्व कर रहे थे और उन्हें देश के प्रमुख यूरोलॉजिस्टों में गिना जाता है। हालांकि हाल के दिनों में विभागीय कार्यप्रणाली और प्रशासनिक मामलों को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं शिकायतों और प्रशासनिक समीक्षा के आधार पर विश्वविद्यालय ने यह कदम उठाया है।
KGMU प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक और चिकित्सीय व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय-समय पर प्रशासनिक बदलाव किए जाते हैं। इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया है। फिलहाल विभाग के संचालन की जिम्मेदारी अंतरिम रूप से दूसरे वरिष्ठ प्रोफेसर को सौंपी गई है, ताकि मरीजों की चिकित्सा सेवाओं और छात्रों की पढ़ाई पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
प्रो. अपुल गोयल का नाम चिकित्सा क्षेत्र में काफी प्रतिष्ठित रहा है। उन्होंने यूरोलॉजी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण शोध और सर्जिकल उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे में उन्हें पद से हटाए जाने के फैसले ने मेडिकल समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला संस्थान के प्रशासनिक हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। वहीं, इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर और चिकित्सा जगत में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस बदलाव के बाद विभाग की कार्यप्रणाली को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।