शिव शंकर सविता- कानपुर के बर्रा विश्वबैंक इलाके में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। डी-ब्लॉक पानी की टंकी के पास स्थित पार्क में 9 साल का मासूम अंश किनारे खड़ा होकर क्रिकेट मैच देख रहा था। तभी अचानक आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। अंश कुछ समझ पाता, इससे पहले ही कुत्तों ने उसे जमीन पर गिराकर बुरी तरह नोचना शुरू कर दिया। बच्चे की दर्दनाक चीखें सुनकर आसपास के लोग और मैदान में खेल रहे युवक तुरंत उसे बचाने के लिए दौड़े। लोगों को लाठी-डंडे लेकर आता देख कुत्तों का झुंड अंश को लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग निकला। अंश के पिता मनोज कुमार, जो एक प्राइवेट सफाई कर्मी हैं, आनन-फानन में उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के शरीर पर कुत्तों के दांतों और नाखूनों के कुल 25 जख्म पाए गए हैं। इनमें से कंधे का घाव इतना गहरा था कि वहां 6 टांके लगाने पड़े।
घटना के बाद नगर निगम ने चलाया अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद पति अर्पित यादव मौके पर पहुंचे और नगर निगम के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद नगर निगम का कैटल कैचिंग दस्ता सक्रिय हुआ और स्थानीय लोगों की मदद से हमलावर कुत्तों को जाल डालकर पकड़ा गया। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि शिकायत के बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
कानपुर में बेकाबू होते आवारा कुत्तों के आंकड़े
शहर में आवारा कुत्तों की संख्या अब डराने लगी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शहर में लगभग 1 लाख आवारा कुत्ते हैं, जिनमें से अब तक केवल 42 हजार की ही नसबंदी हो पाई है। उर्सला अस्पताल की ओपीडी रिपोर्ट बताती है कि शहर में हर दिन कुत्तों के काटने के 60 से 70 नए मामले सामने आ रहे हैं। बर्रा, नौबस्ता और गोविंदनगर जैसे घने इलाकों में स्थिति और भी बदतर है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का बयान
इस पूरे मामले पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि जिस कुत्ते ने बच्चे पर हमला किया था, उसे पकड़कर एबीसी सेंटर भेज दिया गया है। वहां उसकी नसबंदी की जाएगी। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि शहर के अन्य इलाकों में भी हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए निरंतर अभियान चलाया जाएगा ताकि भविष्य में मासूम बच्चों के साथ ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो।