लखनऊ तिहरे हत्याकांड में परिवार को सरकार का भरोसा, ब्रजेश पाठक ने अर्थियों को दिया कंधा; नौकरी और पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार

लखनऊ के सआदतगंज में पार्किंग विवाद को लेकर हुए तिहरे हत्याकांड के बाद मंगलवार को इलाके में तनाव और शोक का माहौल रहा। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों के विरोध के बीच उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे। करीब पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद तीनों मृतकों की अंतिम यात्रा निकाली गई। उपमुख्यमंत्री ने अर्थियों को कंधा दिया और परिवार की मांगों को स्वीकार किए जाने की घोषणा की।

Knews Desk – लखनऊ के सआदतगंज इलाके में पार्किंग विवाद के बाद हुए तिहरे हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। इस मामले में शिवाजी तिवारी, उनके बेटे सुयश और भाई शंभू तिवारी की मौत के बाद मंगलवार को परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों के शव घर पहुंचे, तो परिवार में चीख-पुकार मच गई।

परिजनों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई और उसे फांसी देने की मांग करते हुए शवों को उठाने से इनकार कर दिया था। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और नारेबाजी की। करीब पांच घंटे तक चले विरोध के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मौके पर पहुंचकर परिवार को कार्रवाई और सुरक्षा का भरोसा दिया।

उपमुख्यमंत्री ने अर्थियों को दिया कंधा

दोपहर करीब तीन बजे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह पीड़ित परिवार से मिलने नौबस्ता स्थित उनके घर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने परिजनों को सांत्वना दी और शिवाजी तिवारी, सुयश तथा शंभू तिवारी की अर्थियों को कंधा देकर अंतिम यात्रा के लिए रवाना कराया।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि पीड़ित परिवार की मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने परिवार को सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया और मृतक की मां को नगर निगम में नौकरी देने की घोषणा की। इसके अलावा मृतक की बहन की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने और परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर शस्त्र लाइसेंस जारी कराने की बात भी कही।

पांच घंटे तक चला विरोध, बुलडोजर कार्रवाई की मांग

तीनों शव घर पहुंचने के बाद परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आक्रोशित लोगों ने बुलडोजर कार्रवाई और फांसी की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रशासनिक और नगर निगम अधिकारियों की मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री ने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया और न्याय का भरोसा दिया।

सरकार की ओर से मांगें स्वीकार किए जाने के आश्वासन के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने पर सहमति दी। इसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए गुलाला घाट रवाना किया गया।

मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

मामले में सआदतगंज थाना प्रभारी और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। वहीं, मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला पुलिस की गिरफ्त में है।

घटना के बाद किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। प्रशासन की निगरानी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई गई। पीड़ित परिवार को नौकरी, शिक्षा का खर्च और सुरक्षा संबंधी आश्वासन दिए जाने के बाद फिलहाल विरोध समाप्त हो गया है।

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