Knews Desk- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के फतेहाबाद में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को एमएलसी चुनाव के मतदान के दौरान भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय मतदान केंद्र पर भाजपा कार्यकर्ताओं के बूथ के अंदर पहुंचने को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि बूथ के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकालने के बाद बैलेट पेपर पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में निशान लगाए गए। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।आरोप है कि मतदान केंद्र पर मौजूद समाजवादी पार्टी के एजेंट हरदीप सिंह के साथ मारपीट की गई और उन्हें बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद बूथ के बाहर भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। विवाद बढ़ने पर मौके पर भीड़ जमा हो गई और मतदान केंद्र के आसपास तनावपूर्ण माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और भीड़ को हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया। मामले की जानकारी मिलने पर डीसीपी अभिषेक अग्रवाल, एसीपी इमरान अहमद और एसडीएम स्वाति शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और स्थिति की जानकारी ली। घटना के बाद मतदान केंद्र पर तनाव बना रहा।इस मामले में समाजवादी पार्टी ने फतेहाबाद और शमसाबाद ब्लॉक में चुनाव निरस्त कर दोबारा मतदान कराने की मांग उठाई है। पार्टी ने भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग और प्रशासनिक पक्षपात के आरोप लगाए हैं। सपा ने निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा शिकायतें प्रमाणित होने पर दोनों ब्लॉक में पुनर्मतदान कराने की मांग की है।
सपा का आरोप है कि मतदान केंद्रों के आसपास एजेंटों को बैठाने के नियमों का समान रूप से पालन नहीं किया गया। पार्टी के अनुसार, फतेहाबाद ब्लॉक में भाजपा का बस्ता मतदान केंद्र से करीब 50 मीटर की दूरी पर था, जबकि सपा कार्यकर्ताओं को वहां से हटाकर 200 मीटर दूर बैठने के लिए मजबूर किया गया। पार्टी ने इसे चुनावी नियमों के पालन में भेदभाव का मामला बताया है।सपा जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा ने कहा कि कार्यकर्ताओं की शिकायतों को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार शासन और प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क करते रहे, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिले। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता किसी भी दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेंगे और निष्पक्ष मतदान के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन से उपलब्ध वीडियो फुटेज सहित सभी साक्ष्यों की जांच कराने, मतदान एजेंटों को नियमानुसार काम करने का अवसर देने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, बैलेट पेपर पर निशान लगाने और बूथ कैप्चरिंग से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।