Knews Desk- वाराणसी में 22 वर्षीय श्रेया उपाध्याय की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शुरुआती तौर पर इस वारदात को प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर हत्या के पीछे कथित तौर पर पैसों का लालच सामने आया। पुलिस के अनुसार, श्रेया के प्रेमी विवेक चौबे ने अपने पुराने दोस्त पुनीत के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। बदले में पुनीत को 22 लाख रुपये देने का वादा किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, विवेक और पुनीत की दोस्ती मिर्जापुर के एक कॉलेज में बी-फार्मा की पढ़ाई के दौरान हुई थी। विवेक का श्रेया के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन दोनों के बीच कुछ समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी वजह से विवेक ने श्रेया को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और इसमें पुनीत को शामिल कर लिया।
हत्या के लिए किराए पर लिया कमरा
जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के बच्छांव पश्चिमपुरा इलाके में एक कमरा किराए पर लिया गया था। पुलिस का कहना है कि कमरे में सामान्य रहने की कोई खास व्यवस्था नहीं थी और इसे कथित तौर पर हत्या के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त की रात विवेक और पुनीत कमरे में पहुंचे। अगले दिन सुबह विवेक बहाने से श्रेया को वहां लेकर आया। आरोप है कि कमरे में पहुंचते ही विवेक ने श्रेया को पीछे से पकड़ लिया, ताकि वह विरोध या शोर न कर सके। इसी दौरान पुनीत ने चाकू से उस पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हमले के बाद श्रेया की मौत हो गई।
22 लाख लेने का बहाना बनाकर फरार हुआ विवेक
वारदात के बाद विवेक ने पुनीत से कथित तौर पर कहा कि वह 22 लाख रुपये लेने जा रहा है और जल्द लौटेगा। इसके बाद वह कमरे से निकल गया। पुनीत काफी देर तक उसके लौटने का इंतजार करता रहा, लेकिन विवेक वापस नहीं आया। उसका मोबाइल भी बंद हो गया।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद पुनीत को शक हुआ कि विवेक ने उसे पैसे देने के बजाय धोखा दिया है। उसने एक कैब बुक की और वहां से निकल गया। बाद में यही कैब पुलिस जांच में अहम सुराग साबित हुई।
CCTV और कॉल डिटेल से पुलिस को मिली सफलता
हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्ध कैब की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसके चालक से पूछताछ की। चालक से मिली जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं को पुनीत तक पहुंचने में मदद मिली।
इसके अलावा पुलिस ने पुनीत के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली। पुलिस के मुताबिक, विवेक और पुनीत के बीच लगातार हुई बातचीत से दोनों के संपर्क और कथित साजिश के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
मुठभेड़ के बाद पुनीत गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, सोमवार तड़के राजातालाब पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पुनीत को घेर लिया। इस दौरान कथित मुठभेड़ में पुनीत के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया।
पूछताछ में पुलिस को हत्या की योजना और वारदात से जुड़े कई अहम सुराग मिलने का दावा किया गया है। अब पुलिस मुख्य आरोपी विवेक चौबे की तलाश में जुटी है।
विवेक की तलाश जारी
विवेक चौबे फिलहाल फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसियां 22 लाख रुपये के कथित सौदे, दोनों आरोपियों के बीच हुई बातचीत और हत्या की पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस वारदात में कहीं कोई और व्यक्ति तो शामिल नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक, विवेक की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से हत्या की साजिश और उसके पीछे की पूरी कहानी और स्पष्ट हो सकती है।