गुजरात की जंग का सिकंदर कौन ? फिर खिलेगा कमल या गुजरात चलेगा केजरीवाल की चाल,या मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस उठाएगी हाथ

गुजरात विधानसभा चुनाव : 1 और 5 दिसंबर को दो चरणों में वोटिंग, 8 दिसंबर को हिमाचल के साथ नतीजे

गुजरात में विधानसभा की 182 सीटें हैं.गुजरात में विधानसभा की 182 सीटें हैं. . गुजरात में 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को दो चरणों में मतदान होगा. 8 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के साथ ही गुजरात के भी नतीजे आएंगे.मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनुप चंद्र पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी. उन्होंने बताया   कि गुजरात में इस बार कुल 4.9 करोड़ वोटर मतदान में हिस्सा लेंगे. इनमें से 3,24,422 नए वोटर हैं.चुनाव के दौरान अगर कोई कोरोना संक्रमित हो जाता है, तो कोरोना मरीज को घर से मतदान करने की सुविधा मिलेगी.मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक, कोई भी मतदाता अगर कोई शिकायत करना चाहता है. किसी उम्मीदवार या पार्टी द्वारा उसे प्रभावित किया जाता है, तो वह सीधे तौर पर मोबाइल फोन से चुनाव आयोग में शिकायत कर सकता है. शिकायत के 60 मिनट में टीम गठन करके 100 मिनट में शिकायत का समाधान किया जाएगा.चुनाव आयोग के मुताबिक, 142 मॉडल पोलिंग स्टेशन. 1274 पोलिंग स्टेशन ऐसे होंगे, जिनमें सिर्फ महिलाओं की तैनाती की जाएगी. इस बार शिपिंग कंटेनर भी पोल बूथ के रूप में होंगे यूज.कुल मतदान केंद्र की संख्या 51,782 है. राज्य में स्थापित मतदान स्थलों में से कम से कम 50% मतदान केंद्र पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी.

 

 

 

कौन होगा गुजरात का बाजीगर ? चलेगा मोदी मैजिक,कांग्रेस उठाएगी हाथ या फ्री की राजनीति करेगी गेम चैंज

जी हां PM मोदी का गुजरात,गृहमंत्री अमित शाह का गुजरात,ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि दोनों ने वहीं से आकर भारतीय जनता पार्टी को नए आयाम देकर देश की राजनीति की सत्ता दिलाई । जैसे ही भारतीय चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया वैसे ही सूबे में राजनीतिक जंग का शंखनाद हो गया .राज्य में हमेशा दो पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही लड़ाई रही है। इस बार राज्य में आम आदमी पार्टी की एंट्री ने गुजरात विधानसभा चुनाव और दिलचस्प कर दिया है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी इस चुनाव में मेक या ब्रेक की तर्ज पर लड़ रही है। दो बार दिल्ली में और फिर साल की शुरुआत में पंजाब में मिली बड़ी जीत से पार्टी के हौसले बढ़े हुए हैं। गुजरात में अब तक मिले रेस्पॉन्स से भी पार्टीजन उत्साहित हैं। वैसे, पिछले कुछ दशकों से राज्य में कांग्रेस ही मुख्य विपक्षी पार्टी रही है। मुख्य विपक्षी दल के स्पेस पर अपना हक बनाए रखने के लिए गुजरात में बेहतर प्रदर्शन करना अब कांग्रेस के लिए विकल्प नहीं, बल्कि मजबूरी है। आम आदमी पार्टी अगर यहां कांग्रेस के बराबर प्रदर्शन करने में सफल हो जाती है तो पार्टी पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा .गरम सियासी पारे के साथ बीजेपी गुजरात की सत्ता को बरकरार रखने की कवायद में जुटी है और इस बार 182 सीटों में से 160 प्लस का टारगेट रखा है. वहीं, कांग्रेस इस बार बीजेपी को सत्ता से बाहर करने में जुटी है  इन सबके बीच आम आदमी पार्टी भी तमाम वादों के साथ दोनों की जगह नया विकल्प बनने के लिए पुरजोर कोशिश में जुटी है.अब देखना ये होगा कि मोदी मैजिक चलेगा या कांग्रेस इस बार हाथ उठाएगी या फिर फ्री की राजनीति गेम चैंजर साबित होगी   

CM पद की दौड़ में कौन-कौन?

अभी BJP की ओर से भूपेन्द्र पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी.आर.पाटिल पहले ही संकेत दे चुके हैं कि राज्य में कोई बदलाव नहीं होगा। BJP के अलावा कांग्रेस और AAP भी मैदान में हैं। हालांकि दोनों पार्टियों ने अब तक CM  कैंडिडेट की घोषणा नहीं की है। बात कांग्रेस की करें तो पार्टी में भरत सोलंकी, अर्जुन मोढवाडिया, शक्तिसिंह गोहिल CM पद के लिए रेस में सबसे आगे हैं। AAP में अभी तक गोपाल इटालिया ओर इशुदान गढवी CM के दावेदार हैं।