Knews Desk- बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुई द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया के तहत मंगलवार, 27 अक्टूबर को मतगणना शुरू हुई थी। बुधवार सुबह तक चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम घोषित कर दिए गए। इन नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जन सुराज पार्टी को जीत मिली है। वहीं, सारण सीट पर भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज की जीत भी चर्चा का विषय बनी हुई है।तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार भूषण झा को 600 मतों के अंतर से हराया। नरेंद्र प्रसाद सिंह को इस चुनाव में 2,945 वोट मिले, जबकि भूषण झा को 2,351 मत प्राप्त हुए। इस सीट पर मौजूदा एमएलसी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह 1,967 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इस परिणाम के बाद परिषद में सीपीआई का प्रतिनिधित्व भी प्रभावित हुआ है।
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के बागी उम्मीदवार राहुल राज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद उन्होंने एनडीए के आधिकारिक उम्मीदवार जेडीयू के आनंद पुष्कर के खिलाफ चुनाव लड़ा था। राहुल राज ने दूसरी वरीयता के मतों की गणना के आधार पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,815 वोटों से पराजित किया। इस सीट पर जन सुराज के मौजूदा एमएलसी अफाक अहमद को हार का सामना करना पड़ा। सारण का परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां मुकाबला एनडीए के आधिकारिक उम्मीदवार और भाजपा के बागी प्रत्याशी के बीच था।पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आरजेडी के डॉ. संजीव ने जीत दर्ज की। उन्होंने 1,057 मतों के अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया। इस जीत से आरजेडी को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वहीं, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के सुरेश प्रसाद राय विजयी रहे। इस परिणाम के साथ जन सुराज ने भी बिहार विधान परिषद के चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
चार शिक्षक सीटों के नतीजे घोषित होने के बाद अब सबकी नजरें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों पर टिकी हैं। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की सीटें शामिल हैं। मतगणना में बैलेट पेपर और वरीयता आधारित मतदान प्रणाली के कारण परिणाम घोषित करने में समय लग रहा है। इन सीटों पर मुकाबला भाजपा, जेडीयू, आरजेडी, जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच है।बिहार विधान परिषद चुनाव के ये परिणाम राज्य में राजनीतिक दलों की स्थिति और उनके समर्थक मतदाताओं के रुझान को समझने के लिहाज से अहम हैं। शिक्षक सीटों पर भाजपा, आरजेडी और जन सुराज की जीत ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है, जबकि सारण में निर्दलीय उम्मीदवार की सफलता ने बागी प्रत्याशियों की भूमिका को भी रेखांकित किया है। अब शेष चार स्नातक सीटों के नतीजों से चुनाव की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।