बिहार के छात्रों के लिए CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, परीक्षा सुधार से लेकर छात्र कल्याण तक 4 फैसले

बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चार अहम फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और आधुनिक बनाने के साथ स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया है।

पटना में बिहार शिक्षा विभाग की ओर से दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 9 और 10 अगस्त को अधिवेशन भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने की। इसमें प्रदेशभर से करीब 400 वरिष्ठ, क्षेत्रीय, जिला और प्रखंड स्तर के शिक्षा अधिकारी शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में परीक्षा व्यवस्था में सुधार करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में परीक्षा प्रणाली को इस तरह मजबूत करना जरूरी है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं की कोई गुंजाइश न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में एक स्तर पर भी लापरवाही पूरे सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा सुधार के लिए राज्यस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह समिति दुनिया में इस्तेमाल हो रही आधुनिक तकनीकों और परीक्षा प्रणालियों का अध्ययन करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे युवाओं को यह महसूस न हो कि परीक्षा प्रणाली में उनके साथ किसी तरह का धोखा हुआ है।

शिक्षा सुधार के लिए 4 बड़े फैसले

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्यस्तरीय समिति

सरकार ने सभी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक राज्यस्तरीय समिति गठित करने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करना और छात्रों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार करना है।

परीक्षा व्यवस्था में होगा सुधार

बिहार में बोर्ड, प्रतियोगी और कक्षा स्तर की परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए राज्यस्तरीय परीक्षा सुधार समिति बनाई जाएगी। इसमें तकनीक और AI के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि छात्रों के ज्ञान, समझ और विश्लेषण क्षमता का बेहतर मूल्यांकन हो सके।

छात्रों और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद

शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक छात्रों से सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान छात्रों की समस्याओं और उनके सुझावों को सुना जाएगा।

छात्र कल्याण के लिए निदेशालय

छात्रों से जुड़े कल्याणकारी कार्यों के बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों में निदेशालय का गठन किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे छात्र कल्याण से जुड़ी योजनाओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।

बिहार सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करना है।

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