डिजिटल डेस्क- बिहार के नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र स्थित बदौरा गांव में मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ संपत्ति और मकान के लालच में अंधा होकर दो बेटों ने अपनी ही वृद्ध मां की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर भारी हंगामा किया है। मृतका की पहचान बदौरा निवासी स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद की पत्नी जिलवी देवी (60) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, जिलवी देवी का ससुराल भाषीन बिगहा में था, लेकिन वे लंबे समय से अपने मायके बदौरा गांव में ही रह रही थीं। उनके पास मौजूद जमीन और मकान को लेकर उनके बेटों के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि संपत्ति के लालच में उनके बेटे अक्सर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते थे, जिससे वे हमेशा डरी-सहमी रहती थीं।
मंझले और बड़े बेटे पर हत्या का संगीन आरोप
परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने मृतका के मंझले बेटे रविशंकर कुमार और बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार पर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि रविशंकर कुमार पटना में रहकर ड्राइवरी का काम करता है, जबकि चंद्रभूषण गांव में ही रहता था। दोनों भाई लगातार अपनी मां पर जमीन अपने नाम करने का दबाव बना रहे थे। शनिवार की रात विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ने मिलकर अपनी मां पर हमला कर दिया और तेज धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल: पहले भी मांगी थी सुरक्षा
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि अपनी जान का खतरा भांपते हुए जिलवी देवी शनिवार को खुद चंडी थाना पहुँची थीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने गुहार लगाई थी कि उनके बेटे उनकी जान ले सकते हैं। उन्होंने पूर्व में हुए हमलों का भी जिक्र किया था और बताया था कि कैसे उन्होंने पड़ोसियों के घर छिपकर अपनी जान बचाई थी। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका परिणाम इस दर्दनाक हत्या के रूप में सामने आया।
आक्रोशित ग्रामीणों का हंगामा और चक्काजाम
घटना के विरोध में रविवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और हल्की झड़प भी हुई। स्थिति को बिगड़ता देख भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाएगी, जिसके बाद जाम हटाया गया। डीएसपी संजय कुमार जायसवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, “प्रथम दृष्टया यह मामला जमीन के पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी बेटों रविशंकर कुमार और चंद्रभूषण कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”