Knews Desk- दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक की ऐच्छर शाखा में ग्राहकों की जमा पूंजी से जुड़ा गंभीर विवाद सामने आया है। खाताधारकों ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी और अनुमति के बिना खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए। कुछ ग्राहकों का कहना है कि उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले भुनाकर रकम अन्य व्यक्तियों के खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भेज दी गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, संदिग्ध लेन-देन का कुल आंकड़ा करीब 35 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।मामले की जानकारी मिलने के बाद ग्राहकों में नाराजगी फैल गई। मंगलवार को बड़ी संख्या में खाताधारक बैंक परिसर पहुंचे और विरोध जताया। ग्राहकों ने अपनी जमा राशि की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनकी रकम जल्द वापस दिलाई जाए। बैंक कर्मचारियों पर भी गड़बड़ी में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
एक ग्राहक राहुल ने दावा किया कि उनकी मां का खाता बैंक की इसी शाखा में था और उसमें से करीब 51 लाख रुपये बिना अनुमति के निकाल लिए गए। राहुल के मुताबिक, खाता किसी मोबाइल नंबर से लिंक नहीं था। इस वजह से परिवार को संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तत्काल नहीं मिल सकी। परिवार ने मामले की जांच कराने और रकम वापस दिलाने की मांग की है।वहीं, ग्राहक सोनू ने आरोप लगाया कि उनके बैंक खाते से करीब 90 लाख रुपये गायब हो गए। उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारियों ने रकम के गायब होने का कारण बताया और पैसा वापस दिलाने का आश्वासन भी दिया। हालांकि, ग्राहकों के बीच इस बात को लेकर चिंता बनी हुई है कि उनकी जमा पूंजी आखिर किस तरह दूसरे खातों में पहुंच गई।
इस मामले में सोनू सागर ने अपने पिता के खाते का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि खाते में पहले करीब 88 लाख रुपये जमा थे, लेकिन हालिया बैंक स्टेटमेंट में केवल 1,290 रुपये का बैलेंस दिखाई दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि खाते से रकम निकालने का सिलसिला काफी पहले से चल रहा था। उनके मुताबिक, 6 जून 2025 को खाते से कई बड़े लेन-देन हुए, जिनमें 25 लाख, 21 लाख, 20 लाख और 5 लाख रुपये की रकम शामिल थी।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित खातों से रकम किस प्रक्रिया के तहत निकाली गई और पैसा किन-किन खातों में ट्रांसफर हुआ। मामले में किन लोगों की भूमिका रही, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।खबर लिखे जाने तक बैंक प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया था। ऐसे में ग्राहकों को अपनी जमा राशि वापस मिलने और कथित वित्तीय गड़बड़ी की पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार है। मामले की जांच और बैंक की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे क्या कारण रहे।