उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालु बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं, यात्रा शुरू होने से अब तक कुल 45 लाख 31 हजार 80 श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं. आकड़ो की बात करे तो केदारनाथ सबसे आगे है, जहां अब तक 14 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकृत हो चुके हैं, दूसरे नंबर पर बदरीनाथ है, जहां 13 लाख 48 हजार 426 तीर्थयात्री पहुंचने के लिए नाम दर्ज करा चुके हैं, गंगोत्री में 8 लाख 6 हजार 298 और यमुनोत्री में 7 लाख 78 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का पंजीकरण हो चुका है.कुल मिला कर 30 लाख श्रद्धालुओ ने अभी तक चार धाम के दर्शन कर लिए है.आस्था का यह सैलाब बता रहा है, कि इस बार यात्रा का उत्साह पिछले सालों से कई ज्यादा है. राज्य सरकार व प्रशासन लगातार चार धाम यात्रा सम्बन्धित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है. और यात्रियों की शिकायतों का तत्काल समाधान करने का दावा भी कर रहा है. लेकिन रिकॉर्ड तोड़ भीड़ के बीच कई इलाकों में भारी जाम, स्वास्थ्य चुनौतियां और व्यवस्थाओं पर दबाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है. क्योंकि न केवल चारधाम बल्कि इसके साथ ही सिखों के पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा भी सुचारु हो चुकी है,और हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए भी श्रद्धालुओं का तांता लगातार जारी है.जिसकी वजह से रास्तो में जाम की स्थिति करना पड़ रहा है.जो कही न कही यात्रा में आ रही समस्याओं की पोल खुल रहा है.ऐसे में बढ़ती संख्या और आने वाले मानसून को भी देखते हुए मुख्य मंत्री धामी ने कल कई घंटो चली सचिवालय में आलाधिकारियों की बैठक में यात्रा में कोई भी लापरवाही न बरतने के कड़े दिशा निदेश दे दिए है.जिस पर चार धाम में हो रही असुविधाओं के चलते विपक्षी दलों ने भी सरकार की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए है.जिस जम कर राजनीति भी देखने को मिल रही रही है।
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सख्त हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे। अधिक संख्या के कारण कुछ जगह चुनौतियां आईं, लेकिन प्रशासन, मंदिर समितियों और धार्मिक संगठनों के समन्वय से यात्रा सुचारू रही। सीएम ने मानसून को देखते हुए सुरक्षा, पेयजल, आवास, दर्शन व्यवस्था, परिवहन और हेली सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। लैंडस्लाइड और आपदा संभावित क्षेत्रों की पहचान कर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। होल्डिंग जोन, शौचालय और मूलभूत सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं। यात्रा मार्गों और श्रद्धालु संख्या की रोज मॉनिटरिंग होगी। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर नकारात्मक वीडियो फैलाने वालों पर निशाना साधा। कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से प्रदेश की छवि और सनातन आस्था को बदनाम कर रहे हैं, जबकि यात्रा से रोजगार-आजीविका को बड़ा सहारा मिला है।वही विपक्ष ने सरकार के चार धाम यात्रा के दावों को पूरी तरह से फेल बताया है.और कई गंभीर आरोप धामी सरकार पर लगाए है।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के पहले ही दिन जिस तरह हजारों श्रद्धालु अचानक पहुंच गए, उसने प्रशासनिक तैयारियों की वास्तविक परीक्षा ले ली. तीर्थयात्रियों की इतनी बड़ी संख्या को संभालना शुरुआती दौर में चुनौतीपूर्ण साबित हुआ. बावजूद इसके, स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की.ऐसे में इस बेहिसाब भीड़ और हालातों को काबू करना पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. जिस पर कांग्रेस के साथ ही लोक कलाकारों ने भी सरकार की व्यवस्थाओं को लेकर तंज कसा है.हालांकि, पहले ही दिन यमुनोत्री में दो श्रद्धालुओं की मौत की घटना ने इस धार्मिक यात्रा के बीच एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया कि क्या व्यवस्थाएं वास्तव में इतनी मजबूत थी, जितने दावे किए जा रहे थे? उसके बाद प्रशासन ने तुरंत हालात पर नियंत्रण किया और अब गंगोत्री, यमनोत्री धाम में हालात सामान्य हैं. लेकिन बदरीनाथ और केदारनाथ में उमड़ रही भीड़ किसी चुनौती से कम नहीं है.वही चारो धामों के साथ खुले आज हिमकुण्ड साहिब के कपट से आगे जाम की स्थिति और भी भयावक हो सकती है.अगर पुलिस प्रशासन ने जल्द को बड़ा कदम नहीं उठाया क्योकि आगे मानसून भी बड़ी चुनौतियों के बीच मुँह उठाए खड़ा है.