पश्चिम बंगाल चुनावः पीएम मोदी के झालमुड़ी प्रचार पर सीएम ममता बनर्जी ने किया तीखा वार, बोलीं- झारग्राम में झालमुड़ी ब्रेक

डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल के झारग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक छोटे से ‘झालमुड़ी ब्रेक’ ने अब बड़ा सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। रविवार को चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी अचानक सड़क किनारे एक झालमुड़ी की दुकान पर रुक गए। इस दौरान उनका काफिला रुकते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने जोरदार नारेबाजी भी की। लेकिन इस घटना के बाद अब तृणमूल कांग्रेस TMC ने गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। टीएमसी का आरोप है कि पीएम मोदी के इस अचानक हुए कार्यक्रम और सुरक्षा कारणों के चलते झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी व विधायक कल्पना सोरेन को झारग्राम में अपने हेलीकॉप्टर की लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई। पार्टी के मुताबिक, सोरेन दंपति को घंटों तक इंतजार करना पड़ा और अंततः उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द कर रांची लौटना पड़ा।

यह घटना आदिवासी-विरोधी मानसिकता दर्शाती है- ममता बनर्जी

टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह घटना प्रधानमंत्री की “आदिवासी-विरोधी मानसिकता” को दर्शाती है। पार्टी ने आरोप लगाया कि एक ओर पीएम मोदी आदिवासी वोटों को लुभाने के लिए झारग्राम पहुंचे, वहीं दूसरी ओर उन्हीं समुदाय के निर्वाचित नेताओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोक दिया गया।

पार्टी ने यह भी कहा कि दो लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेताओं को सिर्फ इसलिए रोका गया क्योंकि प्रधानमंत्री का “नाश्ते का ब्रेक” और फोटो सेशन चल रहा था। पोस्ट में टीएमसी ने तीखा हमला करते हुए लिखा कि सोरेन दंपति को उनके संवैधानिक अधिकारों के बावजूद रोका गया और उन्हें बिना कार्यक्रम किए वापस लौटना पड़ा। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि बंगाल की जनता इस घटना को याद रखेगी।

चुनावी रैली के बीच झालमुड़ी की दुकान में रुके थे पीएम मोदी

दरअसल, झारग्राम में चुनावी रैलियों के बीच पीएम मोदी ने कुछ समय निकालकर सड़क किनारे एक दुकान पर झालमुड़ी खाई थी। उन्होंने इस पल का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें वह विक्रेता से झालमुड़ी लेते नजर आए। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, “झारग्राम में झालमुड़ी ब्रेक।” इस दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए और ‘जय श्री राम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए गए। इसके अलावा पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में चार रैलियों के बीच “स्वादिष्ट झालमुरी” का आनंद लेने के लिए कुछ समय का विराम लिया। उनका यह अंदाज जहां समर्थकों को पसंद आया, वहीं विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाकर घेरना शुरू कर दिया।

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