महाराष्ट्र में सोमवार का दिन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक तय कार्यक्रम से एक दिन पहले बुलाई गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और पदाधिकारियों की बैठक और डिनर का कार्यक्रम है। इन गतिविधियों ने राज्य की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
Knews Desk- आमतौर पर महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक मंगलवार को होती है, लेकिन इस बार इसे सोमवार को ही आयोजित किया जा रहा है। आधिकारिक तौर पर इसके पीछे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राज्य से बाहर जाने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। हालांकि, कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद गठबंधन के प्रमुख नेताओं की बैठक और रात में मुख्यमंत्री की ओर से आयोजित डिनर ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर सत्तारूढ़ गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक होगी। इस बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों के भी शामिल होने की बात सामने आई है।
सरकार की ओर से इस बैठक का उद्देश्य गठबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, प्रशासनिक स्तर पर आ रही दिक्कतों को दूर करना और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करना बताया जा रहा है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस की ओर से डिनर का आयोजन भी किया गया है, जिसमें वह गठबंधन के नेताओं और मंत्रियों को संबोधित कर सकते हैं।
दिल्ली दौरे के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया दिल्ली दौरे के बाद महाराष्ट्र में इन बैठकों को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता और बढ़ गई है। यही वजह है कि इसे केवल सरकार के नियमित समन्वय की बैठक मानने के बजाय इसके पीछे किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।
सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सरकार और गठबंधन के भीतर किसी अहम मुद्दे पर बातचीत अंतिम दौर में है? क्या सत्ता पक्ष भविष्य की राजनीति को लेकर कोई नई रणनीति तैयार कर रहा है? या फिर महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों में आने वाले दिनों में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है?
हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से किसी बड़े राजनीतिक फेरबदल या गठबंधन में बदलाव की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पवार परिवार की मुलाकातों ने बढ़ाई उत्सुकता
महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी से जुड़े हालिया घटनाक्रम भी इन अटकलों को और हवा दे रहे हैं। सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की अपने मंत्रियों के साथ बैठक चर्चा में रही है। वहीं, इससे पहले पार्थ पवार की शरद पवार से मुलाकात भी हुई थी।
पवार परिवार के नेताओं के बीच हुई इन मुलाकातों को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। खास तौर पर एनसीपी के दोनों गुटों के बीच भविष्य में संभावित तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं।
एनसीपी के संभावित विलय की भी चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के हवाले से एनसीपी के मंत्रियों के बीच संभावित विलय को लेकर बातचीत की खबरें भी सामने आ रही हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ मंत्री इस विकल्प के पक्ष में हैं और इसे लेकर बातचीत आगे बढ़ चुकी है।
हालांकि, संभावित विलय को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों को फिलहाल राजनीतिक सूत्रों से सामने आई जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, एक दिन पहले बुलाई गई कैबिनेट बैठक, ‘वर्षा’ पर गठबंधन के बड़े नेताओं की मौजूदगी और मुख्यमंत्री के डिनर ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इन बैठकों के बाद सरकार की ओर से केवल गठबंधन समन्वय को लेकर जानकारी दी जाती है या फिर राज्य की राजनीति में किसी नए समीकरण और बड़े फैसले के संकेत भी सामने आते हैं।