डिजिटल डेस्क- लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखे आरोप लगाए और उसके “PDA” (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले को सिरे से खारिज कर दिया। राजभर ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान को खत्म करने जैसे मुद्दों पर झूठा प्रचार किया, जिससे उन्हें राजनीतिक फायदा मिला। उन्होंने कहा कि अब दलित और पिछड़ा वर्ग सपा की “गुमराह करने वाली राजनीति” को समझ चुका है और इससे दूरी बना रहा है।
सपा सरकार के दौरान प्रदेश में होते थे दंगे
कैबिनेट मंत्री ने सपा के पुराने शासनकाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि “यह वही पार्टी है जिसने दलितों के प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया और उनके नाम पर बने जिलों और विश्वविद्यालयों के नाम बदलने का काम किया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश में दंगे होते थे, जिनमें सबसे ज्यादा नुकसान दलित समाज को उठाना पड़ता था। राजभर ने सपा पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सपा शासन में गुंडागर्दी चरम पर थी और दलितों की जमीनों पर कब्जा किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि उस समय सरकार में एक ही जाति का वर्चस्व था, जबकि वोट देने वाले मुसलमानों को भी हाशिए पर रखा जाता था।
कोई मुस्लिम नेता पीडीए के हिस्से का दावा नहीं कर सकता- ओपी राजभर
मुस्लिम नेतृत्व को लेकर भी राजभर ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “सपा में कोई मुस्लिम नेता यह दावा नहीं कर सकता कि वह PDA का हिस्सा है। चार बार यादव मुख्यमंत्री बने, लेकिन क्या कभी मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने की बात हुई?” इस बयान के जरिए उन्होंने सपा की कथित ‘समावेशी राजनीति’ पर सवाल खड़े किए। राजभर ने PDA गठबंधन को लेकर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि “PDA में शामिल लोग ‘दगे कारतूस’ हैं, जिन्हें पहले सपा ने ही नजरअंदाज किया और अब चुनावी जरूरत के चलते साथ लाया जा रहा है।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आशु मलिक जैसे नेताओं को पहले पार्टी से बाहर किया गया, लेकिन अब उन्हें सम्मान दिया जा रहा है। इसी क्रम में उन्होंने राम अचल राजभर का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि जिन्हें कभी सपा नेताओं ने सड़कों पर अपमानित किया, आज वही लोग पार्टी में शामिल हैं। “आज लात खाने वाले और खिलाने वाले साथ-साथ खड़े हैं,” राजभर ने तंज कसते हुए कहा।