KNEWS DESK- पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक के मामलों में कांग्रेस और विपक्ष दोहरा रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब कर्नाटक और झारखंड में छात्र परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो कांग्रेस और राहुल गांधी इस मुद्दे पर खामोश क्यों हैं?
संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष केवल उन्हीं मामलों को उठाता है, जहां उसे राजनीतिक फायदा दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में बड़ी संख्या में छात्र सोशल मीडिया और धरना-प्रदर्शन के जरिए अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस उनके समर्थन में कुछ नहीं बोल रही है।
‘कांग्रेस का दोहरा रवैया क्यों?’
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर पार्टी का रवैया राज्यों के हिसाब से बदल जाता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्र परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस न तो उनके समर्थन में सामने आ रही है और न ही संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है।
बीजेपी सांसद ने इसे कांग्रेस का ‘चुनिंदा आक्रोश’ बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष पेपर लीक के मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि जब कांग्रेस शासित या उसके सहयोगी दलों की सरकार वाले राज्यों में परीक्षाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तब वे प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं?
संसद के मॉनसून सत्र को लेकर भी हमला
संबित पात्रा ने संसद के मॉनसून सत्र में जारी गतिरोध को लेकर भी कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद के एक सत्र के संचालन पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन मौजूदा सत्र में सदन का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
पात्रा ने आरोप लगाया कि सदन शुरू होने के बाद से प्रश्नकाल ठीक से नहीं चल पाया और कई विधेयकों पर चर्चा भी प्रभावित हुई है। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कुछ दलों के व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया।
प्रियांक खरगे के बयान पर BJP का हमला
कर्नाटक में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक के मामले को लेकर भी संबित पात्रा ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे की एक विवादित टिप्पणी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल खड़ा किया।
पात्रा ने दावा किया कि जब भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के संदर्भ में प्रियांक खरगे से मंत्रियों की जवाबदेही और इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कथित तौर पर छात्रों की भूख हड़ताल और लाठीचार्ज को लेकर टिप्पणी की थी।
इस बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी ने इसे छात्रों के प्रति असंवेदनशील रवैया बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा है। संबित पात्रा ने कहा कि इस मामले में राहुल गांधी अब तक चुप हैं।
क्या था प्रियांक खरगे का बयान?
कर्नाटक में राज्य पुलिस भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के विरोध के बीच मंत्री प्रियांक खरगे की टिप्पणी चर्चा में आई। उनसे जब पूछा गया कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर क्या कोई मंत्री जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देगा, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि प्रदर्शनकारियों को 25 दिन तक भूख हड़ताल करने दिया जाए और अगर वे नहीं रुकते हैं तो लाठीचार्ज के बाद वह इस्तीफे के बारे में सोचेंगे। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद विपक्ष ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर हमला तेज कर दिया है।
JPSC के पूर्व अध्यक्ष से CID की पूछताछ
झारखंड में भी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद जारी है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से CID अधिकारियों ने सोमवार को करीब सात घंटे तक पूछताछ की। यह उनसे पूछताछ का चौथा दौर बताया गया है।
इससे पहले 28 जुलाई को उनसे करीब नौ घंटे और 29 तथा 31 जुलाई को लगभग आठ-आठ घंटे पूछताछ की गई थी। खियांग्ते ने 22 जुलाई को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्हें पिछले साल फरवरी में राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद JPSC अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
रांची में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर रांची में छात्रों का विरोध भी जारी है। प्रदर्शनकारी 29 जुलाई से एक स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्र नेता देवेन्द्रनाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CID के बजाय CBI से कराने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इन्हीं घटनाक्रमों को आधार बनाते हुए बीजेपी ने कांग्रेस और विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। अब पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा छात्रों के आंदोलन के साथ-साथ सियासी आरोप-प्रत्यारोप का भी बड़ा विषय बनता जा रहा है।