Knews Desk: बिहार में BPSC और TRE-4 समेत सरकारी भर्तियों से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है। चिराग ने पटना में धरना दे रहे छात्रों से मुलाकात कर उनकी 15 सूत्री मांगों को सुना और बाद में इन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने भी रखा। ऐसे में अब सवाल है कि क्या चिराग की पहल के बाद सरकार छात्रों की सभी मांगों पर सहमति बनाएगी?
दरअसल, मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया था। छात्र राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। कई स्थानों पर पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जबकि कुछ जगहों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया गया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
लाठीचार्ज के बाद छात्रों से मिलने पहुंचे चिराग
प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद चिराग पासवान पटना के गर्दनीबाग पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में छात्र धरने पर बैठे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को विस्तार से समझा। इस दौरान छात्रों ने उन्हें अपनी 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
छात्रों से मुलाकात के बाद चिराग ने कहा कि वह उनकी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे और सरकार के सामने छात्रों का पक्ष रखेंगे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर अभ्यर्थियों की समस्याओं और उनकी मांगों से उन्हें अवगत कराया।
चिराग पासवान ने कहा कि 70वीं BPSC परीक्षा के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज की तस्वीरों ने उन्हें परेशान किया। उन्होंने कहा कि NDA के एक जिम्मेदार गठबंधन सहयोगी के तौर पर छात्रों की उचित मांगों को सरकार तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। चिराग के मुताबिक, पटना पहुंचते ही वह धरना स्थल पर छात्रों के बीच गए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
CM सम्राट से चिराग ने रखी अभ्यर्थियों की मांग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान चिराग पासवान ने BPSC, बेल्ट्रॉन और TRE-4 अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने छात्रों की मांगों और उनकी समस्याओं को रखा।
चिराग ने कहा कि युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की जायज मांगों का समाधान बातचीत और संवेदनशील तरीके से होना चाहिए। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द सकारात्मक समाधान की दिशा में कदम उठाने का भरोसा दिया।
छात्रों के आंदोलन पर बीजेपी का क्या कहना है?
BPSC और TRE-4 को लेकर जारी छात्रों के प्रदर्शन पर बीजेपी ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। बीजेपी का कहना है कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव और राहुल गांधी छात्रों को गुमराह कर रहे हैं और राजनीतिक फायदा लेने के लिए आंदोलन को बढ़ावा दे रहे हैं। सत्तारूढ़ NDA का कहना है कि छात्रों की ओर से उठाए गए ज्यादातर प्रमुख और जायज मुद्दों पर सरकार पहले ही कदम उठा चुकी है।
वहीं, JDU ने भी छात्रों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं, उनके पीछे का तर्क स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि TRE-4 के लिए 32 हजार से ज्यादा पद निर्धारित किए जा चुके हैं और परीक्षा दो चरणों में आयोजित करने की तैयारी पूरी है।
राजीव रंजन के मुताबिक, बिहार में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन भी किया गया है। यह समिति अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी।
किन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र?
प्रदर्शनकारी छात्र 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इसके अलावा BPSC, TRE-4 और दूसरी सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की भी मांग की जा रही है। छात्रों की प्रमुख मांगों में TRE-4 की परीक्षा से PT-Mains व्यवस्था और निगेटिव मार्किंग को हटाना भी शामिल है।
पिछले कई दिनों से छात्र पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। अब चिराग पासवान के हस्तक्षेप और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी मुलाकात के बाद छात्रों की मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।