चंद पैसों, व्यूज और टीआरपी के लिए प्रेमानंद महाराज को बदनाम करने का आरोप, ट्रस्ट ने जारी किया बड़ा बयान

वृंदावन के गुरु कृपा कुंज आश्रम में 25 सितंबर को हुई दुखद घटना के बाद प्रेमानंद महाराज और आश्रम को लेकर सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चल रही चर्चाओं के बीच श्री हित राधा केली कुंज ट्रस्ट ने आधिकारिक बयान जारी किया है। ट्रस्ट ने साधक श्री दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण के निधन पर गहरा दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

Knews Desk– 3 अक्टूबर को श्री हित राधा केली कुंज ट्रस्ट, श्रीधाम वृंदावन की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि इस घटना से पूज्य महाराज श्री एवं समस्त परिकर बेहद आहत हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह पुलिस प्रशासन के साथ निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। ट्रस्ट को भरोसा है कि पुलिस जांच के माध्यम से घटना से जुड़े वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।

ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर पूज्य महाराज श्री और आश्रम की छवि को प्रभावित करने वाला कोई बयान या प्रचार न किया जाए। इससे एक दिन पहले 2 अक्टूबर को “ब्रज संत महिमा” के बैनर तले श्री हरिवंश के नाम से जारी एक अन्य बयान में भी सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया पर घटना को तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने पर आपत्ति जताई गई थी।

जारी बयान में आरोप लगाया गया कि कुछ लोग चंद पैसों, व्यूज और टीआरपी के लिए पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज और केली कुंज की तुलना अन्य आश्रमों तथा विवादित आचरण वाले लोगों से कर रहे हैं। बयान में कंटेंट क्रिएटर्स और न्यूज एंकरों द्वारा तथ्यों की पुष्टि किए बिना महाराज जी के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर भ्रामक सामग्री प्रस्तुत करने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

बयान में शुभांकर मिश्रा सहित कुछ लोगों के वीडियो का भी उल्लेख किया गया। ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि इस तरह की प्रस्तुति किसी भी व्यक्ति की छवि को प्रभावित कर सकती है और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भक्तों से अपील की गई है कि वे बिना पुष्टि के किसी खबर या वीडियो पर भरोसा न करें और न ही ऐसी सामग्री को आगे साझा करें।

इसके साथ ही महाराज जी के प्रति अभद्र टिप्पणी करने वालों से दूरी बनाए रखने और अपनी श्रद्धा, मर्यादा एवं भक्ति को बनाए रखने की अपील की गई है। बयान में कहा गया कि पूज्य महाराज जी कोमल स्वभाव और विशाल हृदय के संत हैं, जो एकांतवास में भजन-साधना में लीन रहते हैं।

गौरतलब है कि मथुरा में इस मामले को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। आश्रम पक्ष का कहना है कि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक सच्चाई सामने आएगी। तब तक सभी लोगों से संयम और मर्यादा बनाए रखने की अपील की गई है।

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