Knews Desk– स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में डॉक्टरों ने जरूरतमंद लोगों के लिए एक खास हेल्थकेयर मूवमेंट शुरू किया है। ‘2 घंटे देश के नाम’ नाम की इस पहल के तहत अलग-अलग विशेषज्ञता वाले डॉक्टर हर सप्ताह अपने दो घंटे जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त कंसल्टेशन देने के लिए समर्पित करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जो आर्थिक परेशानी या स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण बेहतर इलाज और मेडिकल सलाह से दूर रह जाते हैं। खास बात यह है कि इसका फायदा सिर्फ दिल्ली के लोगों को ही नहीं, बल्कि देश के ग्रामीण और कम सुविधा वाले इलाकों में रहने वाले मरीज भी ऑनलाइन वीडियो कंसल्टेशन के जरिए उठा सकेंगे।
इस पहल को मल्टी-स्पेशियलिटी और वॉलंटियर आधारित मॉडल पर शुरू किया गया है। इसमें अलग-अलग बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हो रहे हैं। कैंसर, आंखों की बीमारी, बच्चों की सेहत, हृदय रोग, डायबिटीज, महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में मरीजों को विशेषज्ञ सलाह देने की कोशिश की जा रही है। अभियान में शामिल डॉक्टर और संस्थान कंसल्टेशन के लिए किसी तरह की फीस नहीं लेंगे। मरीज अपनी समस्या के अनुसार ऑनलाइन सलाह ले सकते हैं या फिर अभियान से जुड़े अस्पतालों और क्लीनिकों में जाकर डॉक्टर से मिल सकते हैं।
‘2 घंटे देश के नाम’ मिशन के पीछे विचार काफी सरल है। अगर हर डॉक्टर सप्ताह में सिर्फ दो घंटे जरूरतमंद मरीजों के लिए निकालता है, तो बड़ी संख्या में लोगों को समय पर मेडिकल सलाह मिल सकती है। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ तत्काल कंसल्टेशन देना नहीं है, बल्कि लोगों को बीमारी की शुरुआती पहचान, सही मेडिकल गाइडेंस और जरूरत पड़ने पर आगे के इलाज के लिए उचित सलाह उपलब्ध कराना भी है।
इस अभियान में दिल्ली के कई डॉक्टर और मेडिकल संस्थान आगे आए हैं। दिल्ली आई सेंटर के विशेषज्ञों ने भी इस पहल को अपना समर्थन दिया है। सेंटर में आठ सीनियर नेत्र विशेषज्ञों की टीम मरीजों को आंखों से जुड़ी समस्याओं पर सलाह दे रही है। आंखों से संबंधित मुफ्त कंसल्टेशन के लिए 9990666872 पर संपर्क किया जा सकता है। इस पहल के तहत डॉक्टर लोगों को उन आंखों की बीमारियों के बारे में भी जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं, जिनका समय पर इलाज होने पर गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है।
इस हेल्थकेयर मूवमेंट में कार्डियोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी और जनरल मेडिसिन के डॉक्टर भी शामिल हो रहे हैं। पीडियाट्रिशियन बच्चों में जन्मजात बीमारियों और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान में मदद करेंगे। वहीं गायनेकोलॉजी विशेषज्ञ महिलाओं और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर सलाह देंगे। इसके अलावा पुरानी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिल सकेगा। मानसिक स्वास्थ्य को भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ खासतौर पर किशोरों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को साइकोलॉजिकल सपोर्ट और जरूरी मेडिकल सलाह देने पर जोर दे रहे हैं।
इस पहल का डिजिटल हिस्सा इसे और खास बनाता है। गांवों, टियर-3 शहरों और स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर इलाकों में रहने वाले मरीज वीडियो कंसल्टेशन के जरिए दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों से जुड़ सकेंगे। इससे दूरी और यात्रा का खर्च जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी बाधा नहीं बनेगा। आने वाले महीनों में इस अभियान को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने और देशभर के डॉक्टरों को इससे जोड़ने की योजना है।‘2 घंटे देश के नाम’ हेल्थकेयर मूवमेंट ऐसे लोगों के लिए एक बड़ा सहारा बन सकता है, जिन्हें आर्थिक या भौगोलिक कारणों से विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचना मुश्किल होता है। डॉक्टरों के अपने समय का एक छोटा हिस्सा समाज के लिए देने की यह पहल आने वाले समय में देश के स्वास्थ्य तंत्र में सामुदायिक भागीदारी का एक नया मॉडल भी बन सकती है।