धूप से सीधे AC में जाना कितना सही? मेट्रो यात्रियों के लिए एक्सपर्ट की चेतावनी

Knews Desk-देश के अधिकतर हिस्सों में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का असर देखा जा रहा है। उत्तर भारत में तापमान कई जगह 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में रोजाना ऑफिस जाने वाले लोग, छात्र और अन्य यात्री मेट्रो का सहारा लेते हैं क्योंकि इसमें एयर कंडीशनिंग (AC) की सुविधा मिलती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि तेज गर्मी से सीधे ठंडे मेट्रो AC में जाना सेहत के लिए राहत है या आफत।

जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तेज धूप और गर्म हवा में रहने के बाद सीधे मेट्रो स्टेशन से AC कोच में प्रवेश करता है, तो शरीर को अचानक तापमान में बड़ा बदलाव झेलना पड़ता है। बाहर का तापमान जहां 38 से 45 डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है, वहीं मेट्रो के अंदर यह 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इस अचानक बदलाव को शरीर आसानी से एडजस्ट नहीं कर पाता, जिसे मेडिकल भाषा में थर्मल शॉक कहा जाता है।

विशेषज्ञ के अनुसार, गर्मी से सीधे ठंडे वातावरण में जाना शरीर के तापमान संतुलन को बिगाड़ सकता है। इससे शरीर पर अचानक दबाव पड़ता है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो सकती हैं। खासकर जो लोग रोज मेट्रो से यात्रा करते हैं, उनके लिए यह बदलाव सामान्य लग सकता है, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर पर असर डाल सकता है। इस स्थिति में सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। कई बार अचानक ठंडी हवा लगने से मांसपेशियों में अकड़न भी हो जाती है, खासकर गर्दन और पीठ के हिस्से में। इसके अलावा सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में खराश जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं क्योंकि शरीर का इम्यून सिस्टम गर्म और ठंडे तापमान के बीच बार-बार बदलाव से कमजोर हो सकता है।

एक और बड़ी समस्या डिहाइड्रेशन की होती है। गर्मी में बाहर रहने से शरीर पहले ही काफी पानी खो चुका होता है, लेकिन AC में आते ही पसीना सूख जाता है और प्यास का अहसास कम हो जाता है, जिससे शरीर में पानी की कमी धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। यह स्थिति कई बार कमजोरी और चक्कर का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ वर्गों को इस बदलाव से ज्यादा खतरा होता है, जैसे बुजुर्ग, छोटे बच्चे, अस्थमा के मरीज, माइग्रेन से पीड़ित लोग और हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज। इन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि उनका शरीर तापमान में अचानक बदलाव को आसानी से संभाल नहीं पाता।

बचाव के लिए जरूरी है कि मेट्रो में सीधे AC में प्रवेश करने से पहले 1–2 मिनट छाया में रुकें ताकि शरीर का तापमान थोड़ा सामान्य हो सके। यात्रा से पहले पानी जरूर पिएं ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। अगर पसीने से कपड़े भीगे हों तो तुरंत ठंडी हवा में जाने से बचें। साथ ही बहुत ठंडा पानी तुरंत पीने के बजाय सामान्य या हल्का ठंडा पानी लेना बेहतर होता है। इस तरह कहा जा सकता है कि मेट्रो का AC गर्मी में राहत जरूर देता है, लेकिन अगर शरीर को अचानक तापमान बदलाव के लिए तैयार नहीं किया जाए तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

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