KNEWS DESK – ‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज़ के बीच इसके पहले पार्ट के निर्देशक Sudipto Sen ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन दिनों वह अपनी अगली फिल्म ‘चरक’ को लेकर चर्चा में हैं और इसी के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान उन्होंने सेंसर बोर्ड पर खुलकर निशाना साधा।
“सेंसर बोर्ड अपनाता है डबल स्टैंडर्ड”
सुदिप्तो सेन का कहना है कि फिल्मों के मूल्यांकन में सेंसर बोर्ड दोहरे मापदंड अपनाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा से भरी बड़ी कमर्शियल फिल्में आसानी से पास हो जाती हैं, लेकिन जब कोई फिल्म सामाजिक या वास्तविक घटनाओं पर आधारित होती है तो उसे ‘प्रोपेगैंडा’ का टैग देकर मुश्किलें खड़ी की जाती हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि स्टाइलिश वायलेंस वाली फिल्मों को दर्शक स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन जब सिनेमा असहज करने वाली सच्चाई दिखाता है तो उस पर आपत्ति जताई जाती है।
कानून पुराना, सुधार अधूरा
सुदिप्तो ने कहा कि सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 का है और इसके नियम आज के दौर के हिसाब से पुराने पड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुछ साल पहले श्याम बेनेगल कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार किया गया था, लेकिन उन्हें पूरी तरह लागू नहीं किया गया।
उन्होंने अपील की कि फिल्मकारों को सेंसरशिप से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करनी चाहिए, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में रचनात्मक लोगों को काफी मानसिक दबाव झेलना पड़ता है।
‘चरक’ से जुड़ी जानकारी
फिल्म ‘चरक’ को पेन स्टूडियोज़ के बैनर तले बनाया गया है। इस फिल्म में Anjali Patil, Sahidur Rahaman, Subrat Dutta, Nalnish Neel समेत कई कलाकार नजर आएंगे।
फिल्म का निर्देशन Shiladitya Moulik ने किया है, जबकि प्रोडक्शन की जिम्मेदारी धवल गड़ा और सुदिप्तो सेन ने संभाली है।