वेनिस फिल्म फेस्टिवल में अनुपर्णा रॉय की लगातार दूसरी बड़ी जीत, ‘लवर्स इन द ब्लू नाइट’ को मिला NETPAC अवॉर्ड

knews desk – फिल्ममेकर अनुपर्णा रॉय ने लगातार दूसरे साल वेनिस फिल्म फेस्टिवल में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उनकी फिल्म ‘लवर्स इन द ब्लू नाइट’ को बेस्ट एशियन फिल्म का NETPAC अवॉर्ड मिला है.

फिल्ममेकर अनुपर्णा रॉय ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल 2026 में एक बार फिर अपनी खास पहचान बनाई है। उनकी फिल्म ‘लवर्स इन द ब्लू नाइट’ ने बेस्ट एशियन फिल्म का NETPAC अवॉर्ड अपने नाम किया है। यह लगातार दूसरा साल है, जब अनुपर्णा रॉय को वेनिस फिल्म फेस्टिवल में सम्मान मिला है।

इससे पहले साल 2025 में उनकी फिल्म ‘सॉन्ग्स ऑफ फॉरगॉटेन ट्रीज’ के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला था। अब उनकी नई फिल्म को मिले इस सम्मान ने भारतीय सिनेमा के लिए एक और उपलब्धि जोड़ दी है।

हाशिए पर रहने वाले लोगों की कहानी

NETPAC ज्यूरी ने ‘लवर्स इन द ब्लू नाइट’ को मुंबई में हाशिए पर रहने वाले लोगों की जिंदगी को संवेदनशील तरीके से दिखाने के लिए सम्मानित किया है। फिल्म में प्रवासी मजदूरों के संघर्ष, विस्थापन, गरीबी, शहर में रहने की मुश्किलों और रिश्तों की जटिलताओं को प्रमुखता से दिखाया गया है।

ज्यूरी ने अनुपर्णा रॉय की कहानी कहने की शैली और किरदारों को ईमानदारी के साथ पेश करने के तरीके की भी तारीफ की। फिल्म में मुंबई की पृष्ठभूमि के जरिए उन लोगों की जिंदगी को सामने लाया गया है, जिनकी परेशानियां अक्सर मुख्यधारा की कहानियों में नजरअंदाज कर दी जाती हैं।

अवॉर्ड मिलने पर क्या बोलीं अनुपर्णा रॉय?

फिल्म को NETPAC अवॉर्ड मिलने पर अनुपर्णा रॉय ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए बेहद खास है, क्योंकि फिल्म उनके दिल के बहुत करीब है।

उन्होंने कहा, “NETPAC अवॉर्ड मिलना मेरे लिए बहुत मायने रखता है, क्योंकि ये फिल्म मेरे दिल के बेहद करीब है। इसमें ऐसे किरदार और जिंदगियां हैं, जो अक्सर समाज के हाशिए पर रह जाती हैं।”

अनुपर्णा ने आगे कहा कि वह इन किरदारों को प्यार, सम्मान और ईमानदारी के साथ दिखाना चाहती थीं। अपनी पहली फिल्म के एक साल बाद वेनिस में दोबारा सम्मान मिलना उनके लिए भावुक और यादगार पल है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि फिल्म दर्शकों और ज्यूरी, दोनों को पसंद आई।

फिल्म की कहानी मुंबई पर आधारित

‘लवर्स इन द ब्लू नाइट’ की कहानी मुंबई में आधारित है। फिल्म को विकास कुमार, शारिब खान, बिभांशु राय और रोमिल मोदी ने प्रोड्यूस किया है।

वेनिस फिल्म फेस्टिवल में ओरिज्जोंटी कंपटीशन को स्पॉटलाइट के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कंपटीशन माना जाता है। इसी प्रतियोगिता में फिल्म ने अन्य 14 फिल्मों के साथ मुकाबला किया।

14 फिल्मों से था मुकाबला

‘लवर्स इन द ब्लू नाइट’ का मुकाबला 14 अन्य फिल्मों से था। इनमें ‘ला रगाज्जा कॉन ला लैका’, ‘द बर्निंग जायंट्स’, ‘व्हाट बिलॉन्ग्स टू अदर्स’, ‘फॉलिंग हाउस’, ‘द डिफिकल्ट ब्राइड’ और ‘अंटिल द डे एंड्स’ जैसी फिल्में शामिल थीं।

अनुपर्णा रॉय की इस उपलब्धि को भारतीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लगातार दूसरे साल वेनिस फिल्म फेस्टिवल में सम्मान हासिल कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान कायम की है।

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