Apple में भारतीय मूल के राजेश अंबाती का बड़ा प्रमोशन, जानें उनकी पढ़ाई और सफलता की कहानी

Knews Desk– अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Apple ने अपने नेतृत्व स्तर पर बदलाव करते हुए राजेश अंबाती को इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट पद पर प्रमोट किया है। इससे पहले वह कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। उनकी नई जिम्मेदारी में उन तकनीकों का विकास और प्रबंधन शामिल है, जिनकी मदद से Apple के डिवाइस मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और अन्य वायरलेस सेवाओं से जुड़ते हैं। कंपनी में अंबाती के साथ लुई सैंगुइनेटी और डेरेक शेफर को भी वाइस प्रेसिडेंट के पद पर प्रमोट किया गया है। ये तीनों इंजीनियरिंग और डिवाइस कनेक्टिविटी से संबंधित तकनीकी क्षेत्रों में काम करते हैं। अंबाती का प्रमोशन उनके लंबे अनुभव और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता को दर्शाता है।

राजेश अंबाती अक्टूबर 2009 में Apple से जुड़े थे। उन्होंने कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मैनेजर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इससे पहले वह Motorola में करीब सात साल तक काम कर चुके थे, जहां उन्होंने इंजीनियरिंग मैनेजर की जिम्मेदारी संभाली। Apple में शामिल होने के बाद अंबाती ने लगातार अपनी जिम्मेदारियों का विस्तार किया। अक्टूबर 2014 में उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का डायरेक्टर बनाया गया। इसके बाद अक्टूबर 2019 में उन्हें सीनियर डायरेक्टर के पद पर प्रमोट किया गया। सितंबर 2026 में उन्हें इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी मिली। उनका यह सफर तकनीकी विशेषज्ञता के साथ नेतृत्व क्षमता और लंबे समय तक एक ही संगठन में काम करने के अनुभव को भी दर्शाता है।

राजेश अंबाती का काम Apple के डिवाइस की कनेक्टिविटी से जुड़ी तकनीकों पर केंद्रित रहा है। इसमें वायरलेस कनेक्टिविटी, सेलुलर नेटवर्क और सैटेलाइट सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन तकनीकों की मदद से स्मार्टफोन और अन्य डिवाइस नेटवर्क से जुड़ते हैं और उपयोगकर्ताओं को विभिन्न डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। उनकी जिम्मेदारियों में सॉफ्टवेयर का विकास, उसकी टेस्टिंग, परफॉर्मेंस का मूल्यांकन और तकनीक की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना शामिल रहा है। आज के दौर में स्मार्टफोन की उपयोगिता काफी हद तक बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी और भरोसेमंद सॉफ्टवेयर पर निर्भर करती है। ऐसे में इन क्षेत्रों में इंजीनियरिंग नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

राजेश अंबाती ने Stevens Institute of Technology से इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है। उनकी यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सिस्टम से संबंधित तकनीकी कार्यों के लिए उपयोगी रही है। इसके अलावा, उन्होंने Stanford Continuing Studies के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के लिए सांख्यिकी का अध्ययन किया। उन्होंने Rutgers Business School में मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी की पढ़ाई भी की है। उनकी शिक्षा में इंजीनियरिंग के साथ आधुनिक तकनीकों और प्रबंधन से जुड़े विषयों का मेल दिखाई देता है। इससे उन्हें तकनीकी समस्याओं को समझने के साथ बड़े इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट और टीमों का नेतृत्व करने की तैयारी मिली।

राजेश अंबाती का Apple में वाइस प्रेसिडेंट बनना उनके करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। करीब दो दशकों के तकनीकी अनुभव और कंपनी में लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों के बाद उन्हें यह पद मिला है। उनकी नई भूमिका में कनेक्टिविटी से जुड़ी तकनीकों के विकास और इंजीनियरिंग कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। उनका सफर दिखाता है कि तकनीकी ज्ञान, निरंतर सीखने और प्रबंधन कौशल का संयोजन वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों में नेतृत्व के अवसरों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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