शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने तोड़ी चुप्पी, बोले- युवाओं का भविष्य पद से ज्यादा जरूरी

NEET विवाद के बीच इस्तीफे की वजह पर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि छात्रों की आकांक्षाओं और उनके भविष्य को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खुद इस्तीफे की पेशकश की थी। वहीं, ओडिशा दौरे के दौरान उन्होंने बीजेडी और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा।

Knews Desk- नीट परीक्षा विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ने के करीब दो सप्ताह बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए भाजपा नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि युवाओं का भविष्य उनके मंत्री पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

’20 करोड़ युवाओं की आकांक्षाएं मेरे पद से ज्यादा अहम’

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत में हर साल करीब दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले एक दशक में करीब 20 करोड़ बच्चे देश का हिस्सा बने हैं। इन युवाओं के अपने सपने और उम्मीदें हैं और यही युवा आगे चलकर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

उन्होंने बताया कि जब छात्रों के बीच असंतोष बढ़ा, तो उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की। प्रधान के मुताबिक उन्होंने 25 जुलाई को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

ओडिशा में नवीन पटनायक पर साधा निशाना

भुवनेश्वर के बाद रायराखोल में आयोजित एक जनसभा में धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी हमला बोला। उन्होंने अपने खिलाफ बीजेडी के छात्र और युवा कार्यकर्ताओं के विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक साधारण किसान के बेटे हैं और ओडिशा के लोगों के अधिकारों के लिए बार-बार राज्य में लौटते रहेंगे।

प्रधान ने आरोप लगाया कि नवीन पटनायक उन्हें ओडिशा की जनता के सामने गलत तरीके से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया है जिससे ओडिशा का सिर शर्म से झुके। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही वह राज्य का नाम बहुत ऊंचा न कर पाए हों, लेकिन ओडिशा का सम्मान कभी कम नहीं होने देंगे।

बीजेडी ने धर्मेंद्र प्रधान पर पलटवार किया

धर्मेंद्र प्रधान के आरोपों पर बीजेडी ने भी जवाब दिया। संबलपुर के बीजेडी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने कहा कि प्रधान अपनी राजनीतिक विफलताओं की जिम्मेदारी नवीन पटनायक पर डाल रहे हैं।

रोहित पुजारी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली में छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी के लिए ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

विरोध की आशंका के बीच सुरक्षा बढ़ाई गई

धर्मेंद्र प्रधान के ओडिशा दौरे के दौरान बीजेडी के छात्र संगठन की ओर से विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। संबलपुर पुलिस ने एहतियात के तौर पर बीजेडी के युवा और छात्र संगठनों से जुड़े करीब 30 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक बयान माना जा रहा है। उनके ताजा बयानों से साफ है कि NEET विवाद के साथ-साथ ओडिशा की राजनीति में भी उनकी सक्रियता जारी रहने वाली है।

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