सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने हिरासत में लिए जाने की घटनाओं को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें फ्लाइट और रास्ते से हिरासत में लिया जा चुका है, अब उनकी टीम में नाव से गिरफ्तारी को लेकर चर्चा हो रही है। उन्होंने यमुना में नेवी तैनात किए जाने की आशंका जताते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
Knews Desk – मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे को लेकर सक्रिय कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी हिरासत की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब उनकी टीम में मजाक चल रहा है कि उन्हें नाव से गिरफ्तार किया जाना बाकी है।
दीपके ने ‘रेड माइक’ से बातचीत में दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले उन्हें और सीजेपी के दो अन्य नेताओं को विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हें रास्ते से भी हिरासत में लिया गया। दीपके के मुताबिक, उन्होंने पुलिस से सवाल किया था कि अगर वह सीपी नहीं जा सकते, तो कहां जाकर तिरंगा लहरा सकते हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोकते हुए हिरासत में लेने की बात कही।
‘यमुना में भी नेवी तैनात न कर दें’
अभिजीत दीपके ने बैरिकेडिंग और प्रदर्शन के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि सड़क पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं और अब पता नहीं यमुना में भी नेवी तैनात कर दी जाए। उन्होंने दावा किया कि एक प्रदर्शन को लेकर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल लगाए गए और मेट्रो स्टेशन तथा ट्रेनें बंद की गईं।
दीपके ने सवाल उठाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था क्यों की गई। उन्होंने दिल्ली आने वाली ट्रेनों, बैरिकेडिंग और मेट्रो सेवाओं पर असर को लेकर भी सवाल किए। ये सभी बातें दीपके ने सरकार की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कही हैं।
SIR के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का दावा
इसी बीच सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेता अपने खिलाफ दर्ज अलग-अलग मामलों के सिलसिले में मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश हुए।
आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन जारी है और वे उस मंच की जिम्मेदारी निभाने की कोशिश कर रहे हैं, जो उन्हें देश के लोगों ने दिया है। उन्होंने कहा कि जेल में रहने के दौरान भी आंदोलन जारी है। रांका ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने बारे में और सरकार के काम करने के तरीके के बारे में बहुत कुछ सीखा है और वे जरूरी बदलावों के साथ आगे बढ़ेंगे।
सौरव दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। रांका ने कहा कि आगे का कदम सभी बातें स्पष्ट होने के बाद बताया जाएगा।
सीजेपी नेताओं के बयानों से साफ है कि वे SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने के पक्ष में हैं। वहीं, अभिजीत दीपके ने हिरासत और प्रदर्शन के दौरान की गई व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।