Knews Desk- केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी खबरें लगातार चर्चा में हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद न सिर्फ उनकी बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी होगी, बल्कि विभिन्न भत्तों में भी इजाफा देखने को मिलेगा। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हाउस रेंट अलाउंस (HRA) माना जा रहा है। यदि सरकार फिटमेंट फैक्टर बढ़ाती है, तो बेसिक वेतन के साथ HRA भी स्वतः बढ़ जाएगा, जिससे कर्मचारियों की मासिक आय में अच्छी-खासी वृद्धि हो सकती है।वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार HRA दिया जाता है। यह भत्ता कर्मचारी के कार्यस्थल की शहर श्रेणी पर निर्भर करता है। फिलहाल X श्रेणी (मेट्रो शहर) में कार्यरत कर्मचारियों को बेसिक सैलरी का 30 प्रतिशत, Y श्रेणी के शहरों में 20 प्रतिशत और Z श्रेणी के शहरों में 10 प्रतिशत HRA मिलता है। जनवरी 2024 में महंगाई भत्ता (DA) 50 प्रतिशत होने के बाद HRA की दरों को 27%, 18% और 9% से बढ़ाकर क्रमशः 30%, 20% और 10% किया गया था। अब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग में HRA की दरों और बेसिक वेतन दोनों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 8वें वेतन आयोग में 2.0 से 2.57 के बीच फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है, जिसके आधार पर वर्तमान बेसिक वेतन को संशोधित किया जाता है। बेसिक वेतन बढ़ने का सीधा असर HRA, महंगाई भत्ता और अन्य भत्तों पर भी पड़ता है।उदाहरण के तौर पर, यदि किसी लेवल-4 कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी 25,500 रुपये है और 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो उसकी नई बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 65,530 रुपये हो सकती है। ऐसी स्थिति में X श्रेणी के शहर में कार्यरत कर्मचारी को लगभग 19,660 रुपये, Y श्रेणी में 13,110 रुपये और Z श्रेणी में करीब 6,550 रुपये प्रति माह HRA मिल सकता है।
इसी तरह लेवल-5 के कर्मचारी, जिनकी मौजूदा बेसिक सैलरी 29,200 रुपये है, उनकी संशोधित बेसिक सैलरी लगभग 75,040 रुपये तक पहुंच सकती है। इसके बाद X श्रेणी के शहरों में HRA करीब 22,510 रुपये, Y श्रेणी में 15,010 रुपये और Z श्रेणी में 7,500 रुपये प्रति माह होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि अंतिम राशि सरकार द्वारा स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी।वहीं लेवल-6 के कर्मचारियों के लिए सबसे अधिक लाभ की संभावना जताई जा रही है। यदि वर्तमान बेसिक सैलरी 35,400 रुपये है और 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो नई बेसिक सैलरी लगभग 90,980 रुपये तक पहुंच सकती है। इस स्थिति में X श्रेणी के शहरों में HRA लगभग 27,290 रुपये, Y श्रेणी में 18,200 रुपये और Z श्रेणी में करीब 9,100 रुपये प्रति माह हो सकता है। यानी कई कर्मचारियों के लिए केवल HRA ही वर्तमान बेसिक वेतन के बराबर पहुंच सकता है।
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल ये सभी आंकड़े संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर लगाए गए अनुमान हैं। 8वें वेतन आयोग ने अभी अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को नहीं सौंपी हैं। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार उस पर विचार करेगी और मंजूरी मिलने के बाद ही नई वेतन संरचना लागू होगी। इसलिए HRA और सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी का अंतिम फैसला सरकार की स्वीकृति के बाद ही सामने आएगा।इसके बावजूद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में 8वें वेतन आयोग को लेकर काफी उत्साह है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आयोग अपेक्षित फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है, तो इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की आय में बड़ा इजाफा होगा। खासकर महानगरों और बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को बढ़े हुए HRA का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे बढ़ते मकान किराए और जीवन-यापन के खर्च का बोझ काफी हद तक कम हो सकेगा।