मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी ठहराए गए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने 168 पन्नों की अपील दाखिल कर दोषसिद्धि और मृत्युदंड के फैसले को रद्द करने की मांग की है।
Knews Desk– मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड के नाम से जाना जाता है, में फांसी की सजा पाने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है। दोनों ने मेरठ की जिला अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए 168 पन्नों की अपील दाखिल की है। अपील में दोषसिद्धि और मृत्युदंड के आदेश को निरस्त करने के साथ-साथ संबंधित आरोपों से बरी किए जाने की मांग की गई है। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने इस अपराध को दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी का मानते हुए दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। अदालत ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसके अलावा सबूत मिटाने से संबंधित अपराध में भी सजा सुनाई गई थी। अब दोनों ने अपने वकीलों के माध्यम से इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
मुस्कान और साहिल की ओर से दाखिल अपील में दावा किया गया है कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। बचाव पक्ष का कहना है कि पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था और ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का मूल्यांकन करते समय स्थापित कानूनी सिद्धांतों की अनदेखी की। अपील में हथियार, सीमेंट और ड्रम की खरीद से जुड़े गवाहों के बयानों में कथित विरोधाभासों का भी उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही बचाव पक्ष ने खरीद से संबंधित वैध रसीदें और सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं किए जाने को अपने तर्कों का आधार बनाया है। हालांकि, ये दलीलें अपीलकर्ताओं की ओर से दी गई हैं और इन पर हाईकोर्ट में न्यायिक परीक्षण होना बाकी है।अपील में 30 सितंबर को सुनाए गए दोषसिद्धि के आदेश और 14 अक्टूबर के सजा संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है। दोनों पक्षों की ओर से दाखिल दलीलों पर न्यायिक परीक्षण के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
यह मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े किए गए और अवशेषों को नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में रखकर सीमेंट-कंक्रीट से बंद कर दिया गया था। घटना का खुलासा होने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था। पुलिस ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया था।दोनों दोषियों की ओर से दाखिल अपील में वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला, निधि त्रिवेदी, रवितेंद्र प्रताप सिंह चंदेल और संदीप कुमार दुबे के नाम शामिल हैं। अपील में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत लगाए गए आरोपों से बरी किए जाने की मांग भी की गई है।हाईकोर्ट में अपील दाखिल होने से निचली अदालत का फैसला अपने आप निरस्त नहीं होता। अब दोषसिद्धि और मृत्युदंड के खिलाफ पेश किए गए तर्कों पर अदालत का निर्णय अहम होगा। हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही इस चर्चित मामले की अगली दिशा तय होगी।