Knews Desk- दिल्ली के जसोला गांव में पतंग पकड़ने की कोशिश एक 15 वर्षीय छात्र के लिए हादसे में बदल गई। कक्षा 8 में पढ़ने वाला मिथुन शनिवार सुबह खुले नाले में गिरने के बाद से लापता है। घटना के करीब 36 घंटे बीत जाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हैं।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 11 बजे मिथुन पतंग पकड़ने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह जसोला गांव के खुले नाले में जा गिरा। घटना की सूचना दमकल विभाग को सुबह 11:54 बजे मिली, जिसके बाद दो दमकल गाड़ियों के साथ बचाव दल मौके पर पहुंचा।
इसके बाद कई एजेंसियों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। नाले में पानी का बहाव तेज होने के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
एनडीआरएफ भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल
मिथुन की तलाश में एनडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया है। टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से नाले में लगातार खोजबीन कर रही है। शनिवार रात अंधेरा होने के बाद अभियान को रोकना पड़ा था, जिसे रविवार सुबह फिर से शुरू किया गया।
पुलिस के अनुसार, तेज बहाव के चलते छात्र का पता लगाने में परेशानी आ रही है। बचाव दल नाले के आसपास के इलाकों में भी लगातार जांच कर रहा है।
खुले नाले को लेकर परिवार ने उठाए सवाल
मिथुन के पिता ने नाले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनका परिवार करीब छह साल से जसोला में रह रहा है और नाला लंबे समय से खुला हुआ है। उन्होंने बताया कि नाला करीब 5 से 6 फीट गहरा है और उसमें पानी का बहाव काफी तेज है।
परिवार का आरोप है कि अगर नाले को ढका गया होता या वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
बेटे की तलाश में परिवार बेहाल
मिथुन के लापता होने के बाद उसके माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने बचाव दल से जल्द से जल्द बच्चे को खोजने की अपील की है। वहीं स्थानीय लोग भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमों से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
फिलहाल पुलिस और राहत-बचाव टीमें नाले में मिथुन की तलाश जारी रखे हुए हैं। हादसे के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।