KNEWS DESK- इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच 5 जून को खेला गया ट्राई सीरीज मुकाबला रोमांच और विवाद दोनों के कारण सुर्खियों में आ गया। यह मैच सुपर ओवर तक पहुंचा, जहां श्रीलंका ने भारत को 17 रनों का लक्ष्य दिया था। जवाब में भारतीय टीम 9 रन ही बना सकी और मुकाबला हार गई।
हालांकि मैच का असली ड्रामा उसके बाद मैदान पर देखने को मिला। सुपर ओवर की समाप्ति के बाद भारतीय खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी और एक श्रीलंकाई खिलाड़ी के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति इतनी बढ़ गई कि वैभव ने गुस्से में आकर कथित तौर पर श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का दे दिया। इसके बाद श्रीलंकाई विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।
टीवी फुटेज में यह भी सामने आया कि दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी लगातार बढ़ रही थी और पवेलियन लौटते समय भी तनाव बना रहा। वैभव सूर्यवंशी लगातार विरोधी खिलाड़ियों की ओर इशारे करते और बहस करते नजर आए।
इसी मैच में एक और विवाद उस समय हुआ जब तीसरे अंपायर के एक फैसले पर श्रीलंका की पारी के दौरान नो-बॉल को लेकर अंपायर से बहस हो रही थी। इसी दौरान वैभव डगआउट से उठकर मैदान में आ गए और अंपायर से उलझने की स्थिति बन गई, जिसे बाद में कोच ऋषिकेश कानितकर ने संभाला।
अब इस पूरे मामले में ICC आचार संहिता के अनुच्छेद 2.12 के तहत कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। इस नियम के अनुसार किसी भी खिलाड़ी का अंपायर या अन्य खिलाड़ी के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क गंभीर अपराध माना जाता है।
क्रिकेट इतिहास में इससे पहले भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई हुई है। विराट कोहली को 2024 में इसी तरह के उल्लंघन पर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया था।
माना जा रहा है कि मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश इस मामले की रिपोर्ट के आधार पर वैभव सूर्यवंशी पर भारी जुर्माना, डिमेरिट पॉइंट या यहां तक कि मैच बैन जैसे कड़े फैसले पर विचार कर सकते हैं।
फिलहाल सभी की नजर ICC की आधिकारिक कार्रवाई पर टिकी हुई है, जो तय करेगी कि यह मामला केवल जुर्माने तक सीमित रहेगा या खिलाड़ी पर और सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।