KNEWS DESK- ग्रुप स्टेज में लगातार चार जीत दर्ज कर शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय टीम को सुपर-8 के पहले ही मुकाबले में 76 रन की करारी हार झेलनी पड़ी। इस हार ने सेमीफाइनल की राह को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब टीम इंडिया के सामने ‘करो या मरो’ जैसी स्थिति बन गई है।
सुपर-8 चरण में हर टीम को तीन-तीन मैच खेलने हैं। भारतीय टीम अपना पहला मैच हार चुकी है, यानी अब उसके पास अधिकतम 4 अंक हासिल करने का मौका है—वो भी तभी जब वह अपने बचे हुए दोनों मुकाबले जीत ले लेकिन सिर्फ दो जीत काफी नहीं होंगी। भारत को अंक तालिका के समीकरण भी अपने पक्ष में चाहिए होंगे।
भारत के ग्रुप में South Africa national cricket team, West Indies cricket team और Zimbabwe national cricket team शामिल हैं। मौजूदा स्थिति में भारत को यह दुआ करनी होगी कि इन तीन में से कम से कम दो टीमें अपने-अपने दो मुकाबले हार जाएं।
यदि ऐसा होता है तो अंक तालिका में ऐसी स्थिति बन सकती है जहां भारत के 4 अंक हों और किसी एक अन्य टीम के 4 या 6 अंक। उस हालात में बेहतर नेट रन रेट या अन्य मानकों के आधार पर भारत सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर सकता है।
अगर दक्षिण अफ्रीका या कोई अन्य टीम लगातार जीत दर्ज कर लेती है और 6 अंक तक पहुंच जाती है, तो भारत के लिए स्थिति और कठिन हो जाएगी। ऐसे में भले ही भारत अपने दोनों मैच जीत ले, लेकिन अन्य नतीजे उसके खिलाफ गए तो उसे सुपर-8 से ही बाहर होना पड़ सकता है।
टीम इंडिया के लिए सबसे जरूरी है कि वह अगले दोनों मुकाबलों में न सिर्फ जीत दर्ज करे, बल्कि बड़े अंतर से जीत हासिल करे ताकि नेट रन रेट बेहतर हो सके। इसके साथ ही उसे बाकी मैचों के परिणामों पर भी नजर रखनी होगी।
कुल मिलाकर, सेमीफाइनल की राह अभी बंद नहीं हुई है, लेकिन अब हर मैच फाइनल जैसा है। भारतीय टीम को मैदान पर दमदार प्रदर्शन के साथ किस्मत के साथ की भी जरूरत होगी।