देश में कैश का अंबार, फिर भी ATM क्यों हो रहे खाली?

Knews Desk- देश में डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बावजूद नकदी की मांग लगातार बढ़ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 29 मई 2026 तक देश में चलन में मौजूद नकदी 42.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, इसके बावजूद कई इलाकों में लोगों को ATM से पैसे निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ATM ऑपरेटरों के संगठन कैश लॉजिस्टिक्स एंड ATM इंडस्ट्री कन्फेडरेशन (CATMi) ने भारतीय बैंक संघ (IBA) को पत्र लिखकर इस समस्या पर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि ATM में नकदी भरने के लिए पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। नवंबर 2025 में जहां कैश सप्लाई की कमी 20 प्रतिशत थी, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर 36 प्रतिशत और अप्रैल 2026 में 43 प्रतिशत तक पहुंच गई।

CATMi के मुताबिक अप्रैल में ATM ऑपरेटरों को उनकी जरूरत का केवल 57 प्रतिशत कैश ही उपलब्ध हो पाया। संगठन ने यह भी बताया कि दिसंबर 2025 के अंत से कई राज्यों में बैंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट से ATM तक नकदी पहुंचाने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं।

संगठन का कहना है कि मौजूदा ATM कॉन्ट्रैक्ट्स इस अनुमान पर आधारित थे कि नकद लेनदेन में हर साल केवल 2.5 से 3 प्रतिशत की गिरावट आएगी। लेकिन वास्तविक स्थिति इससे काफी अलग है। साथ ही, फ्री लिमिट से अधिक ATM इस्तेमाल करने पर लगने वाले शुल्क में बढ़ोतरी ने भी लोगों को डिजिटल भुगतान की ओर धकेला है, जिससे ATM ऑपरेटरों की आय प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नकदी आपूर्ति की यह समस्या जल्द नहीं सुलझी तो आने वाले समय में ATM सेवाओं पर और अधिक दबाव बढ़ सकता है।

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