Knews Desk- इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नया अवसर सामने आ रहा है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बीएचयू में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से फिजिकल AI में चार वर्षीय बीटेक कोर्स शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए संस्थान की सीनेट ने 17 अक्टूबर को स्कूल ऑफ फिजिकल AI स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
नए स्कूल की स्थापना और संचालन की जिम्मेदारी संभालने के लिए संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा की अगुवाई में आठ सदस्यीय समन्वय समिति बनाई गई है। इसके उपाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार होंगे। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को ऐसी तकनीक की शिक्षा देना है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को वास्तविक दुनिया में काम करने वाली मशीनों और उपकरणों से जोड़ती है।फिजिकल AI, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ऐसा क्षेत्र है, जिसमें मशीनों को अपने आसपास के वातावरण को समझने और उसके अनुसार काम करने योग्य बनाया जाता है। इसमें रोबोट, सेंसर, कैमरे और मोटर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। सामान्य AI मुख्य रूप से डिजिटल जानकारी के विश्लेषण और प्रोसेसिंग पर काम करता है, जबकि फिजिकल AI का उपयोग वास्तविक दुनिया में मशीनों को अधिक स्मार्ट और स्वायत्त बनाने के लिए किया जाता है।
चार वर्षीय बीटेक कोर्स के सिलेबस को तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समितियां काम कर रही हैं। इसमें रोबोटिक्स, स्वायत्त प्रणालियों, सेंसर आधारित तकनीक, मशीनों के नियंत्रण और AI के व्यावहारिक उपयोग को शामिल करने की योजना है। छात्रों को केवल प्रोग्रामिंग की जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि मशीनों की डिजाइन, निर्माण, टेस्टिंग और वास्तविक समस्याओं को हल करने का अनुभव भी देने पर जोर रहेगा।इस नए स्कूल के लिए शिक्षकों की टीम तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है। संस्थान के फैकल्टी सदस्य बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था विकसित करने के लिए पोलैंड, दक्षिण कोरिया सहित अन्य देशों के केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। इससे कोर्स को विकसित करने और संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध विशेषज्ञता को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फिजिकल AI में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भविष्य में कई क्षेत्रों में करियर की संभावनाएं बन सकती हैं। इनमें रोबोटिक्स इंजीनियरिंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक ऑटोमेशन, कृषि तकनीक, स्वास्थ्य सेवाएं और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। हालांकि, नौकरी के अवसर छात्रों के कौशल, विशेषज्ञता और उद्योगों की मांग पर निर्भर करेंगे।स्कूल ऑफ फिजिकल AI, IIT बीएचयू में स्थापित होने वाला पांचवां स्कूल होगा। इससे पहले संस्थान में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग, डिसीजन साइंस और मैटेरियल साइंस से जुड़े स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं, IIT खड़गपुर ने भी 26 अक्टूबर को बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल AI स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके लिए 35 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है।