रायगढ़ में मजदूरों ने कंपनी गेट पर शुरू किया धरना, चार साल तक वेतन न बढ़ाने वाले समझौते पर हस्ताक्षर कराने का भी लगाया आरोप। सुधाकर भाऊ घारे का मिल रहा मार्गदर्शन।
Knews Desk – महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में गोदरेज कंपनी के मजदूरों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मजदूरों ने कंपनी के गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे कंपनी का गेट नहीं छोड़ेंगे। मजदूरों के इस रुख से वेतन वृद्धि का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनके मुताबिक, प्रबंधन की ओर से वेतन में महज 80 रुपये की बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। मजदूरों का कहना है कि इतनी कम बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं और उन्हें वेतन में उचित वृद्धि की जरूरत है।
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी प्रबंधन उन पर एक ऐसे समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहा है, जिसके तहत अगले चार साल तक उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। मजदूर इस शर्त को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में वेतन में उचित बढ़ोतरी जरूरी है।
वेतन वृद्धि को लेकर मजदूरों ने आर-पार की लड़ाई का रुख अपना लिया है। कंपनी के गेट पर धरना देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे जबरदस्ती कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। मजदूरों का कहना है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से उनकी समस्याओं को समझने और वेतन वृद्धि पर उचित निर्णय लेने की अपील की है।
इस आंदोलन को सुधाकर भाऊ घारे का समर्थन और मार्गदर्शन मिल रहा है। उनके मार्गदर्शन में मजदूर अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब सभी की नजर कंपनी प्रबंधन के रुख पर है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रबंधन और मजदूरों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकल पाएगा या नहीं। मजदूरों ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा।