ईरान दुबई पर क्यों निशाना साध रहा है जबकि वहाँ अमेरिकी मिलिट्री बेस नहीं है?

KNEWS DESK- मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ संघर्ष तेज होने के बाद ईरान ने आठ मुस्लिम देशों पर हमला किया, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर में हुआ। 28 फरवरी को दुबई पर मिसाइलों की बौछार की गई, जिससे शहर में व्यापक तबाही हुई और इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी। इस हमले में कम से कम दो लोगों की जान गई।

दिलचस्प बात यह है कि दुबई में कोई अमेरिकी सैन्य अड्डा नहीं है, फिर भी इसे लक्ष्य बनाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मुख्य कारण दुबई की आर्थिक और रणनीतिक महत्वता है।

2015 से 2024 के बीच दुबई में लगभग 21.7 बिलियन डॉलर (करीब ₹1.8 लाख करोड़) का अमेरिकी निवेश हुआ है। शहर में 1,500 से अधिक अमेरिकी कंपनियों के कार्यालय हैं, जिनमें Boeing, Microsoft, IBM, और Google जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। 2024 में अमेरिका और UAE के बीच व्यापार लगभग 34.4 बिलियन डॉलर का रहा।

दुबई का जेबेल अली पोर्ट भी रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यह दुनिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित बंदरगाह है और यहां अमेरिकी युद्धपोतों के ठहरने की सुविधा भी मौजूद है। ईरान ने दुबई पर हमला करके सीधे अमेरिका के सहयोगियों और उनके आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया। हमले में ईरान ने 137 बैलिस्टिक मिसाइलें और 209 ड्रोन दागे।

ईरान की रणनीति आर्थिक नुकसान पर आधारित है। यदि ईरानी शासन संकट में आता है, तो इसका उद्देश्य संपन्न पड़ोसी देशों जैसे UAE और सऊदी अरब को भी आर्थिक नुकसान पहुंचाना है। दुबई के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे पाम जुमैरा और बुर्ज खलीफा के आसपास के इलाकों पर हमले ने शहर की छवि और पर्यटन उद्योग पर भी असर डाला।

इसके अलावा, ईरान चाहता है कि दुबई और UAE अमेरिका पर दबाव डालें ताकि वह अपनी नीतियों में बदलाव करें। लेकिन यह रणनीति उल्टी पड़ सकती है। दुबई और सऊदी अरब ने इस हमले के खिलाफ संयुक्त रुख अपनाया है, जिससे ईरान और अलग-थलग हो सकता है।

दुबई पर ईरानी हमले का उद्देश्य केवल भौतिक क्षति नहीं था, बल्कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के आर्थिक और रणनीतिक हितों को कमजोर करना भी था। जेबेल अली पोर्ट, शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र और अमेरिकी युद्धपोतों का ठिकाना, इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इस हमले का क्षेत्रीय शांति और वैश्विक व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *